छत्तीसगढ़:- अथान या आम का भरवा सबसे अधिक लोकप्रिय अचार में से एक है. अथान बनाने के लिये आम को काटने के लिये सरोता का प्रयोग किया जाता है. सरोता से आम काटना हर किसी के बस की बात नहीं है. उससे अच्छा है की आप बाजार से ही एक साइज़ के आम खरीदकर वहीँ से कटवाकर ले आइये
बाजार से कटे हुये आम हमने ले लिये हैं. सारे आमों से गुठली निकाल दीजिये. इन आमों को 10 मिनट तक साफ पानी में डुबा कर रख दीजिये. आम को पानी से निकालिये और अच्छी तरह दूसरी बार धो लीजिये. आमों से पानी बिलकुल हटा दीजिये और इन्हैं धूप में किसी साफ सूती कपड़े पर सुखाने के लिये रख दीजिये, आमों में पानी बिलकुल न रहे, आमों को सूखने के लिये लगभग 1 घंटे की धूप पर्याप्त है.
आमों के लिये मसाला तैयार करते हैं. सोंफ, मैथी, जीरा और करायत को साफ कीजिये और दरदरी पीस लीजिये, पीली सरसों को भी मोटा पीस लीजिये.
कढाई में 200 ग्राम तेल डालकर खूब करे और आग बन्द कर दीजिये. पहले हींग, फिर हल्दी पाउडर, दरदरे पिसे मसाले मिलाइये और अच्छी तरह मिला लीजिये ये मसाला हल्का सा भुन जायेगा, पिसी हुई पीली सरसों, लाल मिर्च,और नमक डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये. आमों के अन्दर भरने के लिये मसाला तैयार है. साबुत लाल मिर्च के डंठल तोड़ कर अलग प्लेट में रख लीजिये.
एक आम उठाइये, उसके अन्दर मसाला अच्छी तरह भर दीजिये और एक लाल साबुत मिर्च उठाकर मसाले के बीच डाल दीजिये. आम को सीधा का सीधा कन्टेनर में लगाइये, दूसरा आम, तीसरा आम, सारे आम इसी प्रकार भरिये और सीधे सीधे कन्टेनर में एक के ऊपर एक लगा दीजिये, कन्टेनर को धूप हो तो धूप में 4 दिन के लिये यदि धूप नहीं तो अन्दर ही 4-5 दिन के लिये रखा रहने दीजिये. तीसरे दिन देख लीजिये कि आम अच्छे रखें हैं.
चौथे दिन या पांचवे दिन सरसों का तेल गरम कीजिये और आमों को तेल में डुबा कर रख दीजिये. लगभग बीस दिन में ये भरवां आम का अचार तैयार हो जाता है. अब जब भी आपका मन करे आप कन्टेनर से भरवां आम का अचार निकालिये, परोसिये और खाइये. ये अचार साल भर तक रख कर खाया जा सकता है.
अचार बनाते समय जो भी बर्तन उपयोग करें, वे सब सूखे और साफ हों, अचार में किसी तरह की नमी और गन्दगी नहीं जानी चाहिये.
अचार के लिये कन्टेनर कांच या प्लास्टिक को हो, कन्टेनर को उबलते पानी से धोइये और धूप में अच्छी तरह सुखा लीजिये. कन्टेनर को ओवन में भी सुखाया जा सकता है.
जब भी अचार कन्टेनर से निकालें, साफ और सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिये. हफ्ते में 1 बार अचार को चमचे से चलाकर ऊपर नीचे कर दीजिये.
अगर धूप है, तब अचार को 3 महिने में 1 दिन के लिये धूप में रख दीजिये, अचार बहुत दिन तक चलते हैं और स्वादिष्ट भी रहते हैं.
