मध्य प्रदेश:- करीब 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रमोशन का रास्ता खुलने की उम्मीद जगी है. हाईकोर्ट में पदोन्नति से जुड़ा मामला लंबित होने के बावजूद राज्य सरकार ने प्रमोशन प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्य सचिव के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग सक्रिय हो गया है. इसी कड़ी में 29 जून को 20 प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें कैडर से जुड़ी जानकारी और पदोन्नति के मानकों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जाएगी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद प्रशासनिक विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया ने तेज कर दी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रमोशन की प्रक्रिया अगले 10 से 15 दिनों में शुरू हो सकती है. इस फैसले से राज्य के 4.50 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा. बता दें कि, राज्य सरकार ने 17 जून को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 को मंजूरी दी थी. इस उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने इन नियमों को जल्द लागू करने पर जोर दिया. कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और विभागाध्यक्षों को पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के मौखिक निर्देश दिए हैं. इस कदम से उन अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है जो सालों से एक ही पद पर बने हुए थे.
मुख्य सचिव ने की थी बैठक
इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने 24 जून को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रमोशन के बारे में साफ संकेत दिए. उन्होंने कहा कि प्रमोशन के नए नियमों पर अभी कोई रोक नहीं है. इसलिए अधिकारियों को इस प्रक्रिया की समीक्षा करनी चाहिए और अगर संभव हो तो इसे तुरंत शुरू करना चाहिए. उन्होंने इस मामले में एडवोकेट जनरल के कार्यालय से सलाह लेने की भी सलाह दी.
2016 से रुकी हुई थी प्रमोशन प्रक्रिया
जबलपुर हाई कोर्ट में सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों ने प्रमोशन नियम-2025 को चुनौती दी गई है. लंबी सुनवाई के बाद इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया गया है. सरकार ने दिल्ली और जबलपुर के वरिष्ठ वकीलों से कानूनी राय लेकर सभी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया है.मध्य प्रदेश में प्रमोशन की प्रक्रिया मई 2016 से पूरी तरह रुकी हुई थी. जिस वजह से पिछले कई सालों से लाखों सरकारी कर्मचारी बिना किसी प्रमोशन के रिटायर हो गए. मई 2026 तक, बिना प्रमोशन के रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या बहुत
