नई दिल्ली:- गर्म और ठंडा पानी एक साथ नहीं मिलाना चाहिए. क्योंकि ठंडा पानी पचने में भारी होता है, जबकि गर्म पानी हल्का होता है. जब दोनों एक साथ मिलते हैं, तो अपच की समस्या हो सकती है.
क्यों नहीं पीना चाहिए गर्म और ठंडा पानी एक साथ
कहा जाता है कि गर्म पानी में बैक्टीरिया नहीं होते हैं, क्योंकि गर्म पानी में बैक्टीरिया जीवित नहीं रह पाते. जबकि ठंडा पानी दूषित हो सकता है, इसलिए दोनों को मिलाने से स्वास्थ्य खराब हो सकता है. गर्म पानी वात और कफ को कम करता है, जबकि ठंडा पानी दोनों को काफी बढ़ाता है. इन्हें एक साथ मिलाने से पित्त दोष बाधित होता है और आम बनता है.
गर्म और ठंडे पानी को मिलाने से पाचन कमजोर होता है, जिससे पेट फूलता है और न्यूट्रिएंट्स के एबॉर्शन में बाधा आती है. गर्म पानी ब्लड वेसल्स को फैलाता है, चैनलों को साफ करता है, जबकि ठंडा पानी उन्हें संकरा करता है. इसके मिश्रण से रुकावट हो सकती है या समस्याओं से राहत नहीं मिल सकती है.
गर्म पानी के फायदे कम हो जाते हैं
उन्होंने कहा कि जब आप गर्म और ठंडे पानी को मिलाते हैं, तो गर्म पानी के जो भी फायदे होते हैं वे खत्म हो जाते हैं. श्लोका ने एक मीडिया चैनल को बताया कि मिश्रित पानी का संतुलित तापमान शुद्ध गर्म पानी की तरह पाचन तंत्र के समान स्तर को बढ़ावा नहीं देता है. पाचन को उत्तेजित करने और सिस्टम को साफ करने की गर्म पानी की क्षमता कम हो जाती है, जिससे पाचन में सहायता करने और दोषों के संतुलन को बनाए रखने में इसकी प्रभावशीलता कम हो जाती है.
इसके अलावा, गर्म और ठंडे पानी को मिलाने से तापमान में भिन्नता हो सकती है जो पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है. श्लोका ने कहा कि इससे पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता और पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो जाता है.
