नई दिल्ली:- बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु का असर अब छत्तीसगढ़ तक पहुंचने की संभावना है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में 3 और 4 नवंबर को तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है।
तूफान के प्रभाव से पहले आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में मौसम बिगड़ने की संभावना जताई गई है। 2 और 3 नवंबर को कोस्टल आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाओं और गरज-चमक की भी चेतावनी दी गई है। वहीं तमिलनाडु में भी जोरदार बारिश की संभावना है।
और दक्षिण ओडिशा में इसका ज्यादा प्रभाव
मौसम प्रणाली आगे बढ़ने के साथ 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा में इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है। छत्तीसगढ़ में कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
रायपुर में छाए बादल
राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदलने लगा है। 2 नवंबर की शाम से बादल छाने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि 3 और 4 नवंबर को बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। चक्रवात का सबसे बड़ा असर किसानों की चिंता बढ़ा सकता है।
धान को सुरक्षित रखने की चुनौती
प्रदेश में इस समय धान की फसल कटाई के दौर में है और कई इलाकों में फसल खेतों में खड़ी है, जबकि कटे हुए धान को भी सुरक्षित रखने की चुनौती है। हाल ही में हुई बारिश के बाद अब एक बार फिर तेज बारिश की आशंका ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार नमी और तेज हवा से खड़ी फसल गिरने तथा कटी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन और किसानों के लिए अगले दो दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। लोगों को तेज हवा, आकाशीय बिजली और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
