नई दिल्ली:– आत्महत्या का नाम सुनते ही हर कोई सिहर सा उठता हैं आजकल इसके मामले हर वर्ग में देखने के लिए मिल रहे हैं 10 साल के बच्चे से बुढ़े व्यक्ति में आत्महत्या के मामले सामने आ रहे है। हाल ही में बच्चों से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है जिसके अनुसार अगर बच्चे की नींद गड़बड़ होती हैं तो उन्हें सुसाइड का रिस्क बढ़ जाता है। इसके लिए पैरेंट्स को ध्यान देने की जरुरत है नहीं तो बच्चे किसी अनहोनी का शिकार ना हो जाएं।
जानिए क्या कहती हैं स्टडी
यहां पर कैलिफोर्निया में स्टैनफोर्ड सुसाइड प्रिवेंशन रिसर्च लेबोरेटरी में हुई स्टडी के अनुसार, 10 साल की उम्र में बच्चों में नींद की गड़बड़ी से सुसाइड के ख्याल और दो साल के बाद आत्महत्या के कोशिश का जोखिम बढ़ सकते हैं। कहते हैं कि, अगर नींद बराबर ना हो तो, आत्महत्या का रिस्क, 2.7 गुना ज्यादा बढ़ सकता है। इसे लेकर रिसर्च लेबोरेटरी की फाउंडर और सुसाइड एक्सपर्ट डॉ. रेबेका बर्नर्ट ने बताया कि नींद युवाओं की सुसाइड का कारण बन सकती है। इसके लिए नींद बराबर टाइम पर होना जरूरी है। आंकड़े कहते हैं कि, आत्महत्या के इस प्रकार के मामले लगभग बच्चों में 10-14 साल की उम्र में देखे जा रहे हैं नींद की कमी से इस प्रकार की बड़ी बीमारियां हो जाती है।
बच्चों पर की गई थी रिसर्च
कहा जाता हैं कि, इस स्टडी में इस फैक्ट को लेकर परिणाम पता करने के लिए अमेरिका के 21 जगहों पर 8,800 बच्चों पर रिसर्च किया गया था। जिसमें बच्चों के पैरेंट्स से गिरने या सोते रहने में समस्या, जागने, ज्यादा नींद, नींद में सांस की परेशानी, नींद में ज्यादा पसीना आना, आधी नींद में व्यवहार पैटर्न जैसे कारण शामिल किए गए। इसमें 91 प्रतिशत के करीब बच्चों में सुसाइडल बिहैवियर देखा गया है। इसमें जिन बच्चों में आत्महत्या के ख्याल बढ़ रहे थे वे स्टडी में आगे देखा गया कि डिप्रेशन, चिंता और फैमिली स्ट्रगल की हिस्ट्री जैसे फैक्टर्स ने भी सुसाइड के ख्याल को बढ़ावा दिया है। इसके चलते सुसाइड का खतरा सबसे ज्यादा देखा गया है।
इन समस्या से निपटने के उपाय
यहां पर इस नींद की कमी से जूझने वाले बच्चों का ख्याल रखने के लिए इन टिप्स को अपनाना जरुरी है, जो इस प्रकार है…
1- जब भी बच्चे को सुला रहे हैं तो ख्याल रखें कि, आपका बच्चा आरामदायक कपड़े में हो।
2-इसके अलावा रात में सोने से पहले ब्रश करने का नियम बनाना चाहिए।
3- कई बार डर की वजह से बच्चे कपड़े में ही पेशाब कर देते हैं आप ख्याल रखें कि, बच्चा सोने से पहले वॉशरूम जाएं।
4- सोने से पहले बच्चें को कविताएं और कहानी सुनाना चाहिए।
5- अगर आपका बच्चा गुमसुम नजर आता हैं तो कोशिश करें कि, उससे थोड़ी बहुत बातें जरूर करें।
