नई दिल्ली:– राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कथित ‘अपमान’ का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है। उन्हें आज शाम 5 बजे तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया है और पूछा गया है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया।
दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के मंत्रियों की अनुपस्थिति का जिक्र किया था। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल को बदले जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए थे।
ब्लू बुक नियमों को लेकर सवाल
केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से यह भी पूछा है कि राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सुरक्षा और प्रोटोकॉल से संबंधित ‘ब्लू बुक’ नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि कार्यक्रम का वेन्यू क्यों बदला गया।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने बागडोगरा के पास हुए कार्यक्रम में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति पर भी असंतोष जताया था। यह कार्यक्रम पहले बिधाननगर में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसका स्थान बदल दिया गया।
ममता बनर्जी को लेकर राष्ट्रपति की टिप्पणी
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “आमतौर पर जब राष्ट्रपति किसी राज्य में आती हैं, तो मुख्यमंत्री उनका स्वागत करते हैं और अन्य मंत्री भी मौजूद रहते हैं। लेकिन वह (ममता बनर्जी) नहीं आईं। राज्यपाल बदल गए हैं, इसलिए वे भी नहीं आ सके। चूंकि तारीख पहले से तय थी, इसलिए मैं यहां आई हूं। आप सभी के आने के लिए धन्यवाद।”
कार्यक्रम स्थल बदले जाने को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। राष्ट्रपति ने कहा, “ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं, लेकिन मुझे समझ नहीं आया कि मुझे वहां जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। मुझे नहीं पता कि वह नाराज हैं या नहीं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सभी खुश रहें।”
