पश्चिम बंगाल :– विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हुआ, जहां शाम 5 बजे तक 89.93 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई, जो 2021 के 77.99 फीसदी से करीब 12 फीसदी ज्यादा है।
सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान में भीषण गर्मी के बावजूद वोटरों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस बार SIR प्रक्रिया बड़ा मुद्दा रही, जिसके तहत दो जगह वोटिंग अधिकार रखने वालों और वैध दस्तावेज नहीं रखने वाले कई नाम सूची से हटाए गए, जिससे चुनावी समीकरण बदलने की चर्चा तेज हो गई है।माना जा रहा है कि रिकॉर्ड मतदान किसी एक दल को बड़ा फायदा पहुंचा सकता है और कई सीटों पर बड़े अंतर की जीत संभव है। 2021 में उत्तर बंगाल की 54 सीटों पर बीजेपी का दबदबा रहा था, जहां राजबंशी, मतुआ समुदाय और चाय बागान श्रमिकों का समर्थन पार्टी को मिला था, जबकि दक्षिण बंगाल में टीएमसी ने मजबूत प्रदर्शन किया था।
इस बार बढ़ी वोटिंग ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि मतदान के बीच हिंसा की खबरें भी सामने आईं। मुर्शिदाबाद में झड़प के बाद दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु सरकार पर हमला हुआ, जहां पुलिस को उन्हें बचाकर निकालना पड़ा। अब पूरे राज्य की नजर 4 मई पर है, जब साफ होगा कि जनता ने बदलाव चुना है या ममता बनर्जी को फिर सत्ता सौंपी है।
