उत्तर प्रदेश :– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी खर्चों में कमी और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने और मंत्रियों के सुरक्षा काफिले में 50 प्रतिशत तक वाहनों की कटौती करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी समेत सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक हालात को देखते हुए सरकार को भी संसाधनों के उपयोग में संतुलन और सादगी अपनानी होगी।
सरकारी बैठकों में बढ़ेगा डिजिटल सिस्टम का उपयोग
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सचिवालय और विभागीय स्तर पर होने वाली आधी से ज्यादा बैठकें अब ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएं। इससे अधिकारियों के अनावश्यक दौरे कम होंगे और समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी। इसके अलावा निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के लिए प्रेरित करने की बात भी कही गई है।
जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह
सीएम योगी ने सांसदों, विधायकों और मंत्रियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि खुद मेट्रो और बस जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करेंगे तो जनता में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
पर्यटन और स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपी के ऐतिहासिक किलों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों को डेस्टिनेशन वेडिंग और वेलनेस टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके साथ ही नागरिकों से त्योहारों और शादी समारोहों में भारत में बने उत्पादों और ओडीओपी वस्तुओं का उपयोग करने की अपील की गई। मुख्यमंत्री ने घरेलू बचत बढ़ाने और अनावश्यक खर्च से बचने पर भी जोर दिया।
ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने सरकारी और निजी संस्थानों में बिजली की अनावश्यक खपत रोकने के निर्देश दिए हैं। रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों के सीमित उपयोग की बात कही गई है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिल शेयरिंग जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
