मध्य प्रदेश :– जबलपुर के गोसलपुर थाना क्षेत्र स्थित बरनू तिराहा की शराब दुकान पर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। महिलाओं, बच्चों और पुरुषों समेत बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर दुकान के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से दुकान में तोड़फोड़ कर दी।
हंगामे के दौरान पथराव भी हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि लोगों ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह शराब की दुकान खुलने से परेशान थे और उनका कहना था कि इससे माहौल खराब हो रहा है।
ग्रामीणों ने लगाए महौल खराब करने के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान खुलने के बाद से इलाके का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। उनका कहना है कि दुकान के कारण गांव में विवाद और असामाजिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने कई बार पुलिस और प्रशासन से दुकान बंद कराने की मांग भी की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी और आक्रोश के चलते शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध प्रदर्शन के लिए मौके पर पहुंच गए।
खराब के ठेके में घुसकर तोड़ीं बोतलें
जानकारी के मुताबिक सपना यादव, नेहा यादव, आशा विश्वकर्मा सहित गांव की कई महिलाएं और बच्चे हाथों में लाठियां लेकर शराब दुकान के बाहर पहुंच गए। कुछ ही देर में भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान कुछ लोग दुकान के अंदर घुस गए और वहां रखी शराब की बोतलें तोड़ना शुरू कर दीं।
दुकान के कर्मचारी ने लगाए यह आरोप
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाकर हालात पर काबू पाया। घटना के दौरान दुकान में कर्मचारी रविशंकर मिश्रा मौजूद था। कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि हंगामे के दौरान शराब की बोतलों के साथ नकदी भी लूट ली गई। पुलिस ने मामले में तीन नामजद महिलाओं समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर का है लेकिन इसकी चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है। कई लोग भीड़ की इस हरकत की तारीफ भी कर रहे हैं तो कई लोग ऐसे भी हैं। जिनका यह मानना है कि किसी भी स्थिति में कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।
