नई दिल्ली:– किसी भी रिश्ते में प्यार के साथ सम्मान और एक-दूसरे की कद्र होना बेहद जरूरी है। जब हम किसी को अपना समय, ध्यान, भावनाएं और परवाह देते हैं, तो स्वाभाविक रूप से चाहते हैं कि सामने वाला भी हमारी अहमियत समझे। लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता और इंसान लगातार कोशिश करने के बावजूद खुद को नजरअंदाज महसूस करता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अपनी अहमियत सामने वाले को कैसे समझाई जाए?
फेमस रिलेशनशिप कोच और ऑथर जवाल भट्ट के मुताबिक, किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी अहमियत समझाने से पहले खुद अपनी वैल्यू समझना जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले खुद पर ध्यान देना चाहिए। अगर कोई आपकी भावनाओं, समय और प्यार की कद्र नहीं कर रहा है, तो बार-बार उसका ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करने के बजाय अपने जीवन पर फोकस करें। परिवार, दोस्तों, काम और उन गतिविधियों के लिए समय निकालें, जिनसे आपको खुशी मिलती है।
हर वक्त उपलब्ध रहना जरूरी नहीं
रिश्ते में एक-दूसरे के लिए मौजूद रहना अच्छी बात है, लेकिन हर समय सामने वाले के लिए उपलब्ध रहना और अपनी जरूरतों को नजरअंदाज करना सही नहीं। अगर किसी व्यक्ति को आपकी मौजूदगी और परवाह की आदत हो गई है और वह उसे आपकी जिम्मेदारी समझने लगा है, तो कुछ सीमाएं तय करना जरूरी हो सकता है। स्वस्थ दूरी आपको अपनी भावनाओं को समझने का मौका देती है और सामने वाले को भी आपकी मौजूदगी की अहमियत महसूस हो सकती है।
अगर वह वापस न आए तो?
दूरी बनाने के बाद संभव है कि सामने वाला आपकी अहमियत समझे और रिश्ते को सुधारने की कोशिश करे। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता, तो खुद को कमजोर समझने की जरूरत नहीं है। इसका एक मतलब यह भी हो सकता है कि आपने ऐसे रिश्ते से खुद को बाहर निकाल लिया, जहां आपको पर्याप्त सम्मान और प्यार नहीं मिल रहा था। ऐसे व्यक्ति के पीछे लगातार भागना जो आपकी कद्र नहीं करता, आपको भावनात्मक रूप से और ज्यादा परेशान कर सकता है।
आत्मसम्मान और अहंकार में अंतर समझें
रिलेशनशिप कोच के अनुसार, आत्मसम्मान और अहंकार के बीच अंतर समझना भी जरूरी है। आत्मसम्मान का मतलब अपनी भावनाओं और अपनी इज्जत की कद्र करना है, जबकि अहंकार में व्यक्ति सामने वाले को नीचा दिखाने या हर हाल में खुद को सही साबित करने की कोशिश करता है।
इसलिए जब आप किसी से दूरी बनाएं, तो खुद से यह सवाल जरूर पूछें कि आप ऐसा अपनी मानसिक शांति और आत्मसम्मान के लिए कर रहे हैं या फिर सामने वाले को सबक सिखाने के लिए। अगर आपका मकसद खुद को मानसिक रूप से सुरक्षित रखना है, तो यह आत्मसम्मान है।
अपनी खुशी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न करें
किसी रिश्ते में प्यार महत्वपूर्ण है, लेकिन अपनी पूरी खुशी को किसी एक इंसान से जोड़ देना ठीक नहीं है। अपनी जिंदगी में खुद के लिए भी जगह बनाएं। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं, अपने शौक पूरे करें और अपने करियर या व्यक्तिगत लक्ष्यों पर ध्यान दें।
आखिरकार, अपनी अहमियत साबित करने के लिए किसी के पीछे भागने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। जब आप खुद को महत्व देना शुरू करते हैं, तो आपको यह समझने में भी आसानी होती है कि कौन वास्तव में आपकी परवाह करता है और कौन केवल आपकी मौजूदगी का फायदा उठा रहा है। रिश्ते में प्यार के साथ आत्मसम्मान बनाए रखना ही सबसे जरूरी है।
