नई दिल्ली:- एलोवेरा अपनी औषधीय विशेषताओं और त्वचा के लिए फायदों की वजह से घर-घर में लगाया जाता है। हालांकि, कई बार भरपूर देखभाल के बाद भी पौधे में जेल कम बनता है और पत्तियां गलने या पीली पड़ने लगती हैं। अगर आपका पौधा भी सही से ग्रोथ नहीं कर रहा है, तो इसकी वजह अधिक पानी या धूप का गलत संतुलन हो सकता है।
एलोवेरा की पत्तियों में पहले से ही 99% पानी मौजूद रहता है। इसलिए इसे बहुत अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है। गमले में पानी तभी डालें जब ऊपर की मिट्टी अच्छी तरह सूख चुकी हो। सामान्यतः 7 से 8 दिनों में एक बार पानी देना पर्याप्त होता है। अधिक पानी देने से पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं, पत्तियां जली हुई दिखने लगती हैं और उनमें जेल बनना कम हो जाता है।
एलोवेरा के पौधे की सही बढ़त के लिए उसे रोजाना 3 से 4 घंटे की सीधी धूप दिखाना जरूरी है। अगर इसे इससे ज्यादा समय के लिए तेज धूप में छोड़ दिया जाए, तो पत्तियों के अंदर का पानी गर्म होकर वाष्पित होने लगता है और पौधा खराब होने लगता है। वहीं, बिल्कुल छांव में रखने से भी इसकी ग्रोथ रुक जाती है। इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां सुबह की हल्की धूप आती हो।
एलोवेरा का पौधा ऊपर बढ़ने के साथ-साथ नीचे से कई छोटे-छोटे नए पौधे भी पैदा करता है। इसलिए इसे हमेशा चौड़े मुंह वाले गमले में ही लगाएं। चौड़ा गमला होने से बेबी प्लांट्स को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और गमला जल्दी भर जाता है। संकरे गमले में जड़ों को सही जगह न मिलने के कारण मुख्य पौधे का विकास रुक जाता है।
