
नई दिल्ली। बेहतर भविष्य की कल्पना को साकार कहने भारत से यूक्रेन गए स्टूडेंट्स को क्या पता था कि उनके सपनों को तबाही निगल जाएगी। रूस के हमले के बाद यूक्रेन की जैसी स्थिति है, वहां से बचकर निकल आना, एक नया जीवन मिलने जैसा ही है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में यूक्रेन की तबाही का मंजर रोज सामने आ रहा है, स्थानीय नागरिकों को किस बुरे हालात का सामना करना पड़ रहा है, शब्दों से उसे बयान नहीं किया जा सकता।
विश्व के छोटे से देश यूक्रेन में मेडिकल एजुकेशन सस्ते में होने की वजह से बड़ी तादाद में भारतीय नागरिक अपने बच्चों को वहां पर भेज देते हैं। पर किसी को क्या पता था कि साल 2022 यूक्रेन की तबाही साथ लेकर आने वाला है। भारत से यूक्रेन में पढ़ाई के लिए कुल कितने लोग हैं, इसका सही आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन एक जानकारी के अनुसार करीब 20 हजार भारतीय यूक्रेन के अलग—अलग शहरों में हैं।
रूस और यूक्रेन के मध्य जारी इस जंग के बीच भारत सरकार ने अपने देशवासियों के सुरक्षित वापसी के लिए अभियान चलाया है, जिसके तहत भारतीय स्टूडेंट्स को एयर इंडिया के विशेष विमान से लाने का क्रम जारी है। 24 फरवरी के बाद 26 फरवरी को भी भारत सरकार ने विमान सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चों को रेस्क्यू किया और उन्हें सकुशल भारत लाने में सफलता हासिल की है।
पीएम मोदी को दिया धन्यवाद
यूक्रेन से सुरक्षित भारत वापसी करने वाले छात्र—छात्राओं ने जब दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड किया, तो उनका गला रूंध आया और वे फफककर रो पड़े। हालांकि यह उनकी अपने घर लौटने की खुशी थी, जिस पर वे विश्वास नहीं कर पा रहे थे। इस बीच मौजूद छात्र—छात्राओं ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए और भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री जितेन्द्र सिंह के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।