नई दिल्ली:- क्या आप जानते हैं कि बिना बिजली AC से ज्यादा ठंडक देने वाली टेक्नोलॉजी का आविष्कार कर लिया गया है? इसे Nescod नाम दिया गया है। इसकी खासियत है कि यह बिना बिजली खर्च किए 25 डिग्री तापमान को 3 डिग्री तक गिरा सकती है। गौर करने वाली बात है कि दुनियाभर की बिजली का 10% हिस्सा AC चलाने में खर्च होता है। ऐसे में यह टेक्नोलॉजी पूरी दुनिया के लिए वरदान साबित हो सकती है।
अगर आप भी गर्मी की वजह से AC और उसके महंगे बिजली बिल की वजह से खुद को मजबूर पाते हैं, तो आपके लिए बहुत काम की खबर है। दरअसल, अब AC से आगे की तकनीक आ चुकी है, जो बिना बिजली के आपके घर को ठंडा रख सकती है। इस टेक्नोलॉजी का नाम है Nescod यानी कि No Electricity or Sustainable Cooling on Demand और यह भविष्य की कूलिंग तकनीक साबित हो सकती है।
इस नई तकनीक की खासियत है कि यह AC की तरह न तो महंगी है और न ही पर्यावरण के लिए खतरनाक है। इसे बनाने का श्रेय सऊदी अरब के ‘किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ के वैज्ञानिकों को जाता है। यह बिना एक यूनिट बिजली खर्च किए आपके घर को ठंडा कर सकता है।(REF.)
Nescod तकनीक का मुख्य आधार एक बहुत ही साधारण रसायन है जिसे अमोनियम नाइट्रेट कहा जाता है। आमतौर पर इस रसायन का इस्तेमाल खाद बनाने के लिए होता है। इस तकनीक में एंडोथर्मिक (Endothermic) सिद्धांत पर काम करते हुए, नमक को पानी में घोला जाता है, तो यह अपने आसपास की गर्मी को सोख लेता है।
प्रयोगों के दौरान देखा गया कि अमोनियम नाइट्रेट और पानी के मिश्रण ने मात्र 20 मिनट के भीतर तापमान को 25°C से घटाकर 3.6°C तक पहुंचाया जा सकता है। यह प्रक्रिया इतनी प्रभावी है कि यह बिना किसी मोटर या कंप्रेसर के जबरदस्त ठंडक पैदा करती है।
सोलर पावर बचाएगी बिजली
सोलर पावर बचाएगी बिजली
रिपोर्ट्स के अनुसार,(REF.) इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी है कि यह सोलर पावर पर काम कर सकती है। गौर करने वाली बात है कि एक बार जब अमोनियम नाइट्रेट पानी में घुलकर ठंडक पैदा कर देता है, तो सिस्टम सोलर पावर की मदद से उस पानी को भाप बनाकर उड़ा देता है।
इससे नमक के क्रिस्टल दोबारा बन जाते हैं और उन्हें अगली बार फिर से कूलिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरीके से सालों साल Nescod टेक्नोलॉजी से कूलिंग
रिपोर्ट्स के अनुसार दुनियाभर की बिजली का 10% हिस्सा AC चलाने में इस्तेमाल होता है। Nescod जैसी टेक्नोलॉजी न सिर्फ बिजली के भारी बोझ को कम कर सकती है बल्कि उन लोगों के लिए गर्मी से जान बचाने वाली साबित होगी, जो महंगी बिजली का खर्च नहीं उठा सकते।
इस तकनीक का इस्तेमाल घर ठंडा करने के अलावा दवाइयों और वैक्सीन को सुरक्षित रखने और भोजन को खराब होने से बचाने के लिए भी किया जा सकता है।
