मध्य प्रदेश:- सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. वहीं जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का हाईलेवल निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सुरक्षा, आधुनिक सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट समेत घाटों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की.
उज्जैन में अभी से सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है. पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का हाईलेवल दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान सुरक्षा से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक के लिए अहम निर्देश दिए. इस हाईलेवल मॉनिटरिंग में डीजी, एडीजी, कलेक्टर और एसपी समेत कई आला अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की बारीकी से समीक्षा की.
वहीं अधिकारियों ने सिंहस्थ के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट और श्रद्धालुओं की सुविधा पर सबसे अधिक जोर दिया है. इस दौरान सड़कों, पुलों और घाटों के निर्माण को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए. साथ ही, सुव्यवस्थित यातायात के लिए डायवर्जन प्लान, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन वाहनों के लिए अलग कॉरिडोर सुनिश्चित करने की बात कही गई. श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रवेश और निकास मार्गों पर बेहतर साइन बोर्ड और गाइडेंस सिस्टम लगाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है.
इन पर ज्यादा रहेगा फोकस
सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां आधुनिक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का विशेष ध्यान महिला सुरक्षा, लापता व्यक्तियों की सहायता और अपराध रोकथाम पर केंद्रित है. इसके अलावा, मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और कचरा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं को उच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत दी गई है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े.
मॉक ड्रिल करने के निर्देश
मेला क्षेत्र में बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी और शिविरों की सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट सिस्टम की कड़ाई से जांच की गई. आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को अलर्ट रहने और नियमित मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए गए हैं. कुल मिलाकर, शासन और प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य सिंहस्थ 2028 को हर हाल में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है, जिसके लिए अभी से ही माइक्रो प्लानिंग शुरू कर दी गई है.
प्रस्तावों पर भी समीक्षा हुई
इसके अलावा, इसी कड़ी में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कलेक्टर सभागृह में बैठक लेकर विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों की समीक्षा की. बैठक में अस्थायी प्रकृति के कार्यों, उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों की पूर्ति पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक के दौरान सिंहस्थ मेले के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर फोकस किया गया. विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों में अस्थायी निर्माण कार्य, उपकरणों की उपलब्धता और अन्य जरूरी संसाधनों को लेकर जानकारी दी गई. अपर मुख्य सचिव ने सभी प्रस्तावों का बारीकी से परीक्षण करते हुए समयबद्ध और बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए.
