मध्यप्रदेश:– उज्जैन के महाकाल मंदिर जहां रोज हजारों भक्त आते हैं, जूते-चप्पल उतारकर दर्शन करते हैं। बाहर जूतों का ढेर इतना बड़ा होता है कि अपनी जोड़ी ढूंढना कभी-कभी पहेली बन जाता है। 11 अगस्त 2026 को गोवा से आए शुभांग बोरकर (Instagram: @shubhangborkar) भी महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने त्रिवेणी गेट के पास अपनी क्लॉग्स (Crocs जैसी चप्पल) उतार दीं और अंदर चले गए। दर्शन के बाद जब बाहर निकले तो सामने था चप्पलों का समुद्र – सैकड़ों, बल्कि हजारों जोड़ियां। रंग-बिरंगी, एक जैसी दिखने वाली… अपनी जोड़ी कहां?
शुभांग ने करीब 10 मिनट खुद ढूंढा। रैक के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक घूमे, लेकिन नसीब नहीं मिला। थकान और निराशा बढ़ रही थी। फिर दिमाग में एक अनोखा विचार आया – “क्यों न AI से मदद ली जाए?” उन्होंने फोन निकाला। पहले अपनी चप्पलों की एक पुरानी तस्वीर ChatGPT को अपलोड की, ताकि AI उसके रंग, ब्रांड, डिजाइन और आकार को पहचान ले। फिर मंदिर के बाहर जूते-चप्पलों के रैक के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें और वीडियो खींचकर लगातार भेजने लगे।
प्रॉम्प्ट कुछ इस तरह था:
“मैं उज्जैन महाकाल मंदिर के बाहर हूं। सैकड़ों चप्पलों के ढेर में मेरी क्लॉग्स खो गई हैं। ये मेरी चप्पल की फोटो है। रैक की इन तस्वीरों में से मेरी जोड़ी ढूंढो और लोकेशन बताओ।”
ChatGPT ने तस्वीरों का विश्लेषण किया। कुछ देर बाद AI ने सटीक दिशा बताई –
“रैक के दाईं तरफ, बीच के हिस्से में नीचे की ओर देखो। वहां एक जोड़ी दिख रही है जो आपकी चप्पलों से मेल खाती है।”
शुभांग उसी जगह पहुंचे… और सच में उनकी चप्पलें वहीं पड़ी थीं!
AI ने हजारों जोड़ियों के बीच से सही जोड़ी पहचान ली।
शुभांग ने पूरा प्रोसेस वीडियो में रिकॉर्ड किया और Instagram पर “Used ChatGPT to find my lost clogs” टाइटल के साथ पोस्ट कर दिया। वीडियो तेजी से वायरल हो गया। लाखों व्यूज, हजारों कमेंट्स – लोग हैरान, खुश और मजेदार रिएक्शन दे रहे थे। कोई बोला “अब AI जूते भी ढूंढवाएगा”, कोई बोला “मंदिर में भी टेक्नोलॉजी का कमाल”, कोई हंसते हुए कहा “AI is crying in the corner”।
यह सिर्फ एक खोई चप्पल की कहानी नहीं। यह इस बात का सबूत है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ पढ़ाई, कोडिंग या बड़े-बड़े कामों तक सीमित नहीं रहा। रोजमर्रा की छोटी-छोटी परेशानियों में भी मददगार बन सकता है। गोवा से 1200 किलोमीटर दूर उज्जैन आए एक युवक ने AI को अपना साथी बनाकर साबित कर दिया कि टेक्नोलॉजी और भक्ति का मेल कितना मजेदार हो सकता है। शुभांग बोरकर (साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और वीकेंड एक्सप्लोरर) की यह अनोखी ट्रिक अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अगली बार जब मंदिर में चप्पल खो जाए… तो शायद आप भी ChatGPT खोल लें!
