Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना है छोटी चीजें, लेकिन असर बड़ा…
    समाचार

    डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना है छोटी चीजें, लेकिन असर बड़ा…

    By Tv36 HindustanAugust 18, 2026No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली:– डायबिटीज या ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की बात आती है तो सबसे पहले चावल, रोटी, ब्रेड, मिठाई और मीठे पेय पदार्थों पर ध्यान दिया जाता है। लेकिन रोजमर्रा के भोजन के साथ थोड़ी-सी मात्रा में खाए जाने वाले अचार, पापड़ और चटनी भी डाइट का हिस्सा हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये चीजें डायबिटीज में पूरी तरह से नुकसानदायक हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एक खाद्य पदार्थ को सिर्फ उसके नाम से अच्छा या खराब कहना सही नहीं है। उसकी सामग्री, मात्रा और खाने के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है। आइए इसके नारे में जानते हैं विस्तार से।

    अचार में छिपी हो सकती है अतिरिक्त चीनी और नमक
    अचार की अलग-अलग रेसिपी में सामग्री काफी बदल सकती है। कुछ तैयार अचारों में स्वाद बढ़ाने के लिए चीनी या मीठे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं तेल और नमक की मात्रा भी अधिक हो सकती है। डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए ऐसे अचार का नियमित और अधिक सेवन बेहतर विकल्प नहीं माना जाता। घर पर अचार बनाते समय चीनी कम या बिना चीनी वाली रेसिपी और सीमित मात्रा में तेल-नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। अचार को मुख्य भोजन नहीं, बल्कि स्वाद बढ़ाने वाली छोटी मात्रा के रूप में लेना बेहतर है।
    पापड़ में कार्बोहाइड्रेट के साथ पकाने का तरीका भी अहम
    पापड़ अक्सर दाल या अन्य सामग्री से बनाए जाते हैं, लेकिन उनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा प्रकार के अनुसार अलग हो सकती है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले पापड़ में नमक और अन्य सामग्री भी अधिक हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पापड़ को कैसे पकाया जा रहा है। तला हुआ पापड़ अतिरिक्त तेल और कैलोरी बढ़ा सकता है। इसलिए डायबिटीज में पापड़ खाना हो तो सीमित मात्रा में और बिना तले हुए विकल्प को प्राथमिकता देना बेहतर हो सकता है।

    हर चटनी एक जैसी नहीं होती
    चटनी को लेकर भी यही नियम लागू होता है। ताजा धनिया, पुदीना, हरी मिर्च, नींबू और मसालों से बनी चटनी आमतौर पर कम मात्रा में भोजन का हिस्सा बन सकती है। लेकिन कुछ चटनियों में गुड़, चीनी, मीठी सॉस या अधिक मात्रा में मीठे फल शामिल हो सकते हैं। ऐसी चटनी ब्लड शुगर पर ज्यादा असर डाल सकती है। इसलिए चटनी चुनते समय उसकी सामग्री देखना जरूरी है।
    मात्रा सबसे महत्वपूर्ण
    डायबिटीज में किसी चीज को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसकी मात्रा और पूरी मील के संतुलन पर ध्यान देना कई लोगों के लिए अधिक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। अचार, पापड़ और चटनी को भोजन की छोटी संगत मानें, मुख्य हिस्सा नहीं। पैकेज्ड उत्पाद खरीदते समय लेबल पर Added Sugar, Total Carbohydrate और Sodium की जानकारी देखना उपयोगी है।

    आखिरकार, डायबिटीज मैनेजमेंट सिर्फ एक खाद्य पदार्थ से तय नहीं होता। पूरे दिन की डाइट, भोजन की मात्रा, शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन महत्वपूर्ण है। इसलिए अचार, पापड़ या चटनी को लेकर डरने के बजाय सामग्री, मात्रा और नियमितता—इन तीन बातों पर ध्यान देना ज्यादा समझदारी भरा विकल्प है।

    Post Views: 140

    chhattisgarh Hindi khabar Hindi news hindinews india Raipur Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleकोरिया के जीराफूल चावल ने बनाई नई पहचान, एफपीओ मॉडल से किसानों को मिल रहा बेहतर बाजार…
    Next Article 28 अगस्त से लागू होगा धर्म की स्वतंत्रता कानून 2026, जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन पर इतने साल तक की सजा…
    Tv36 Hindustan

    Related Posts

    मुआवजा, पुनर्वास के बाद ही मानिकपुर खदान की जनसुनवाई उद्योग मंत्री ने एसईसीएल को दिए ये निर्देश…

    August 18, 2026

    हजारों चप्पलों के बीच खो गई थी एक जोड़ी, ChatGPT ने ढूंढ निकाली AI का ये कमाल देख हैरान रह गए लोग…

    August 18, 2026

    28 अगस्त से लागू होगा धर्म की स्वतंत्रता कानून 2026, जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन पर इतने साल तक की सजा…

    August 18, 2026

    कोरिया के जीराफूल चावल ने बनाई नई पहचान, एफपीओ मॉडल से किसानों को मिल रहा बेहतर बाजार…

    August 18, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    Ads
    -Ads-
    -Ads-
    -ADS-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • मुआवजा, पुनर्वास के बाद ही मानिकपुर खदान की जनसुनवाई उद्योग मंत्री ने एसईसीएल को दिए ये निर्देश…
    • हजारों चप्पलों के बीच खो गई थी एक जोड़ी, ChatGPT ने ढूंढ निकाली AI का ये कमाल देख हैरान रह गए लोग…
    • 28 अगस्त से लागू होगा धर्म की स्वतंत्रता कानून 2026, जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन पर इतने साल तक की सजा…
    • डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना है छोटी चीजें, लेकिन असर बड़ा…
    • कोरिया के जीराफूल चावल ने बनाई नई पहचान, एफपीओ मॉडल से किसानों को मिल रहा बेहतर बाजार…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?