मुंबई:- दो फाड़ हो चुकी एनसीपी को एकजुट करने के लिए शरद पवार लगातार कोशिश कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, यह बैठक एक बिजनेसमैन के बंगले पर हुई। बैठक करीब 1 घंटे से ज्यादा समय तक चली। इस मीटिंग में क्या बात हुई और इसका उद्देश्य क्या था, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
महाराष्ट्र में पिछले महीने दो जुलाई को अजित पवार अपने कुछ विधायकों लेकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अजित के साथ छगन भुजबल, धनंजय मुंडे समेत करीब 9 विधायक महायुति गठबंधन में शामिल हुए। इनमें से आठ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद चाचा भतीजे के बीच कई दौर की बैठक हो चुकी है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की सुगबुगाहट जारी है।
अजित पवार ने बगावत के बाद शरद पवार से मुलाकात भी की थी। इसके बाद शरद पवार गुट के विधायक बैचेन नजर आए थे। विधायक प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल से अजित पवार और बागी विधायकों के बारे मं जल्द से जल्द रुख स्पष्ट करने को कह चुके हैं।
दरअसल, एनसीपी के बागी विधायक छगन भुजबल के गढ़ येओला में शरद पवार की रैली के बाद अजित पवार ने अपने चाचा से लगातार तीन बार मुलाकात की थी।
अजित पवार ने दी थी BJP से हाथ मिलाने की सलाह
अजित ने शरद पवार को अपना नेता बनने और बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के लिए मनाने की कोशिश की थी। उनकी पहली मुलाकात एक बहुत ही परिचित घटना थी, जब वह अपनी पत्नी सुनेत्रा और बेटे पार्थ के साथ शरद पवार के निवास सिल्वर ओक गए थे। उस दौरे के बाद अजित पवार ने अपने नवनियुक्त मंत्रियों और अपने समर्थक विधायकों के साथ शरद पवार से मुलाकात की थी।
