नई दिल्ली:– इस समय भारत के अधिकतर शहरों में भीषण गर्मी पड़ रही है। जिसका असर अब केवल मौसम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ये अब लोगों के खानपान में भी नजर आने लगा है। इसके चलते देश में ठंडी चीजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। खास तौर पर आइसक्रीम की। जिसके मार्केट इस समय अपना रिकॉर्ड हाई पर है।
इसी बीच रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने वनतारा क्रीमरी के जरिए आइसक्रीम कारोबार में एंट्री की है। अनंत अंबानी ने आइसक्रीम कारोबार में आने से अचानक लोगों की दिलचस्पी इस बात आइसक्रीम इंडस्ट्री को लेकर बढ़ गई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि भारत में आइसक्रीम इंडस्ट्री कितनी बड़ी है? अनंत अंबानी का वनतारा क्रीमरी क्या है? रिलायंस के इस कारोबार में आने से आगे क्या होने वाला है?
भारत में कितनी बड़ी है आइसक्रीम इंडस्ट्री?
पिछले कुछ सालों में भारत का आइसक्रीम बाजार बहुत तेजी से बढ़ा है। पहले आइसक्रीम को सिर्फ गर्मियों के मौसम तक सीमित माना जाता था लेकिन अब लोग इसे साल के बारहों महीने खाना पसंद करते हैं। यही कारण है कि छोटी-छोटी कंपनियों के साथ कई बड़ी कंपनियां करोड़ो कम रही है। मौजूदा समय में भारतीय आइसक्रीम बाजार 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2020 में यह बाजार करीब 14800 करोड़ रुपये का था। लेकिन सिर्फ पांच साल के अदंर यह लगभग दोगुना होकर 31, 276 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सालों में यह बाजार और भी तेजी से आगे बढ़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2030 तक भारत का आइसक्रीम मार्केट लगभग 65780 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। जबकि 2034 इसके 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है। मतलब साफ है आने वाले समय में भारत में आइसक्रीम मार्केट रॉकेट की रफतार से तरक्की करने वाला है।
आइसक्रीम इंडस्ट्री में रिलायंस के मायने
इसी तेजी से बढ़ते बाजार में अब अनंत अंबानी की एंट्री ने पूरी इंडस्ट्री ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। रिलायंस समूह पहले ही टेलीकॉम, रिटेल और एफएमसीजी जैसे सेक्टरों में बड़ा प्रभाव रखता है। अब वनतारा क्रीमरी के जरिए कंपनी आइसक्रीम बाजार में उतर चुकी है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने शुरुआत में 17 अलग अलग फ्लेवर बाजार में लॉन्च किए हैं। रिलायंस की सबसे बड़ी ताकत उसकी सालों पुरानी मजबूत सप्लाई चेन और देशभर में फैला रिटेल नेटवर्क है। यही वजह है कि बाजार के पुराने खिलाड़ियों चिंता में पड़ गए हैं।
इससे पहले रिलायंस ने कैंपा ब्रांड के जरिए कोल्ड ड्रिंक मार्केट में हलचल मचाई थी। अब माना जा रहा है कि कंपनी ठीक उसी तरह आइसक्रीम सेक्टर में भी बड़ा असर डाल सकती है। हालांकि उसकी सीधी टक्कर मार्केट के पुराने खिलाड़ियों क्वालिटी वॉल्स, क्रीमबेल और बास्किन रॉबिंस और अमूल से होगी। जिनका पहले से ही एक बड़ा मार्केट बेस है।
भारत में इतना बड़ा कैसे हुआ आइसक्रीम कारोबार?
भारत में आइसक्रीम कारोबार के तेजी से बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। जैसे लोगों की बढ़ती आय, नई और बदलती लाइफस्टाइल, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का विस्तार और देश में कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर भी लगातार मजबूत होना शामिल है। एक क्लिक पर आपको आपकी पसंद की आइसक्रीम कुछ ही मिनटों में मिल जाती है। ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट जैसी कंपनियों ने आइसक्रीम की पहुंच को बेहद आसान बना दिया है।
इसके अलावा सरकार की तरफ से भी फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएलआई स्कीम के तहत हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया गया है ताकि उत्पादन क्षमता बढ़े और कंपनियों को आधुनिक तकनीक मिल सके। इससे आइसक्रीम उद्योग को भी अप्रत्यक्ष रूप से बड़ा फायदा हो रहा है।
भारत का डेयरी सबसे बड़ी ताकत
भारत का डेयरी सेक्टर भी इस उद्योग की सबसे बड़ी ताकत है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और यही वजह है कि यहां आइसक्रीम बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इससे उत्पादन लागत कम रहती है और कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में फायदा मिलता है।
