छत्तीसगढ़– केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के छत्तीसगढ दौरे पर हैं। आज वे बस्तर में केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह मध्य भारत में क्षेत्रीय शासन और विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।। बस्तर क्षेत्र में हो रही यह उच्च-स्तरीय बैठक इस इलाके में शांति और स्थिरता की सफल बहाली का संकेत है।
यह इलाका कभी गंभीर रूप से नक्सल से प्रभावित था। इस आयोजन में भाजपा शासित राज्यों, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों का जमावड़ा होगा। इससे यह अंतर-राज्यीय सहयोग और संघीय संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन जाएगा।
मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक
इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए चल रही तैयारियों का जायजा लेने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक विस्तृत उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने एक विस्तृत पावर प्वाइंट ओवरव्यू पेश किया। इसमें उन खास टॉपिक और स्ट्रेटेजिक प्रपोजल के बारे में बताया गया था, जिन्हें छत्तीसगढ़ सरकार काउंसिल की कार्यवाही के दौरान पेश करने की योजना बना रही है।
एजेंडा के हर बिंदु की गहन समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी और निर्दोष क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यवस्थाओं का संचालन अत्यंत गंभीरता और निर्बाध समन्वय के साथ किया जाना चाहिए।
क्षेत्रीय परिषद की बताई महत्ता
इस कार्यक्रम के महत्व के बारे मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया था कि केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्य ‘विकसित भारत’ के स्वपने को साकार करने में एक अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि यह विशिष्ट परिषद पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय आदर्श के रूप में कार्य करती है, जिसकी अनूठी पहचान आपसी सहयोग के वातावरण और इसके प्रतिभागियों के बीच विवादों की पूर्ण अनुपस्थिति से होती है।
बस्तर में यह आयोजन शांति का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने बताया कि ये क्षेत्रीय परिषदें रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने के साथ साझा चुनौतियों को हल करने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में तब्दील हो गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करना छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गौरवशाली क्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बस्तर में इतने बड़े पैमाने पर सम्मेलन का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस क्षेत्र में शांति की सफल बहाली को दर्शाता है।
