नई दिल्ली:- अफजाल अंसारी ने एक बैठक में अपनी बड़ी बेटी नुसरत अंसारी को सांकेतिक तौर पर अपना उत्तराधिकारी घोषित किया. हाईकोर्ट से अफजाल अंसारी को राहत नहीं मिलती है तो उनकी बेटी यहां से चुनाव लड़ सकती है.
अफजाल अंसारी ने अपनी बेटी नुसरत को उत्तराधिकारी घोषित करने के संकेत दिए.
अफजाल अंसारी ने बुधवार को इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के साथ सपा कार्यालय पर एक बड़ी बैठक की और इस बैठक के दौरान अपनी बड़ी बेटी नुसरत अंसारी का सभी से परिचय कराया.
चुनाव प्रचार के दौरान नुसरत एक शिव मंदिर में भी गयीं थीं और पूजा अर्चना की थी.नुसरत पवहारी बाबा आश्रम भी गयीं थीं और वहां भी पूजा अर्चना की थी.
तभी से इस बात के कयास लगाया जा रहा था कि नुसरत अफजाल अंसारी की राजनीतिक विरासत को सम्हाल सकती हैऔर चुनाव लड़ सकतीं है.
अफजाल अंसारी ने भी इसके संकेत दिए. कहा कि मेरे वकील मेरे केस को स्ट्रांग बता रहे हैं पर यदि जरा भी ऐसी स्थिति बनती है तो मेरी तीन बेटियां हैं और एक बेटी यहीं है जो उच्च शिक्षित है.
नुसरत अंसारी दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कालेज से स्नातक किया है और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज सुल्जापुर से पीजी किया है. रूरल डेवलपमेन्ट इसका विषय रहा है. नुसरत गोल्ड मेडलिस्ट रही है और यूपी सिविल परीक्षा की तैयारी कर रही थीं.
गाजीपुर में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद अफजाल अंसारी द्वारा दिये गये बयान से इतना स्पष्ट जरूर हो गया है कि नुसरत अंसारी अफजाल की राजनीतिक उत्तराधिकारी हो सकती हैं और यदि अखिलेश यादव की सहमति बनी तो गाजीपुर से 2024 में सपा प्रत्याशी हो सकती हैं.
