नई दिल्ली:– कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत के अंकुश पंघाल ने मेजबान इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को रोमांचक मुकाबले में 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने बॉक्सिंग में अपना सातवां गोल्ड मेडल हासिल किया और ग्लासगो में एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल मुकाबले की शुरुआत अंकुश के लिए चुनौतीपूर्ण रही। पहले राउंड में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू ने आक्रामक खेल दिखाया और बढ़त बना ली। मुकाबले के दौरान अंकुश को स्टैंडिंग काउंट का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दूसरे राउंड में भारतीय बॉक्सर ने शानदार वापसी करते हुए सटीक पंच, बेहतरीन फुटवर्क और आक्रामक रणनीति के दम पर मुकाबले का रुख बदल दिया।
तीसरे और निर्णायक राउंड में अंकुश पूरी तरह हावी रहे। लगातार सटीक हमलों से उन्होंने प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के अंतिम चरण में डिमेजी शिट्टू का एक अंक भी काटा गया, जिससे भारतीय खिलाड़ी की बढ़त और मजबूत हो गई। अंत में जजों ने 4-1 के स्प्लिट फैसले से अंकुश पंघाल को विजेता घोषित किया और भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक आ गया।
शनिवार भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए बेहद यादगार दिन रहा। बॉक्सिंग में भारत ने कुल 9 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण और 2 रजत पदक शामिल रहे। सचिन सिवाच, अरुंधति, प्रिया, साक्षी, प्रीति और जैस्मिन ने भी गोल्ड मेडल जीते, जबकि लवलीना बोरगोहेन और जादुमानी सिंह ने सिल्वर मेडल अपने नाम किए।
अंकुश पंघाल की इस जीत के साथ वह भारतीय कॉमनवेल्थ गेम्स बॉक्सिंग चैंपियंस की सूची में शामिल हो गए हैं। यह सफलता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजी की लगातार बढ़ती ताकत का प्रमाण मानी जा रही है।
वहीं पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया के ट्रायअगेन मोर्नी न्डेवेलो को 3-2 के स्प्लिट फैसले से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन, पुरुषों के शॉट पुट F57 स्पर्धा में भारत के 1-2 फिनिश और जूडो में मिले कांस्य पदक की बदौलत भारत अब 35 पदकों के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब तक 11 स्वर्ण, 16 रजत और 8 कांस्य पदक दर्ज हो चुके हैं।
