नई दिल्ली:- हेल्दी और ग्लोइंग स्किन पर इतनी बातें हो चुकी हैं कि आप अब तक कंफ्यूज ही हो चुके होंगे कि आखिर करना क्या है। तो इसे सिंपल बनाते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट ने सुबह के स्किन केयर को बेहद आसान बनाते हुए बस 3 चीजें शामिल करने की सलाह दी है।
सबसे पहले स्किन टाइप के हिसाब से चुनें एंटीऑक्सिडेंट
एंटीऑक्सिडेंट त्वचा को बहुत फायदा देते हैं। इसे अपने मॉर्निंग स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है। लेकिन आपको यह अपने स्किन टाइप के हिसाब से चुनना होगा। एंटीऑक्सिडेंट के लिए विटामिन सी बेहतरीन होता है। चेहरा साफ करने के बाद विटामिन सी सीरम की कुछ बूंदें चेहरे पर लगाई जा सकती हैं। लेकिन यह सबको सूट नहीं करता। अगर आप भी उनमें से हैं जिनको विटामिन सी सीरम लगाने से समस्या होती है तो आपको अपनी स्किन टाइप को ध्यान में रखते हुए दूसरे एंटीऑक्सिडेंट सीरम चुनने चाहिए। यहां जानें कौन सी स्किन के लिए क्या है बेहतर :
सेंसिटिव स्किन के लिए नायसिनामाइड
अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो मॉर्निंग स्किनकेयर रूटीन के लिए नायसिनामाइड आपके लिए एक विकल्प हो सकता है। इसे स्किनकेयर में मल्टीपर्पस मॉलिक्यूल माना जाता है। यह त्वचा की कई जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
नायसिनामाइड को माइल्ड ही रखना है यानी इसे आपको बहुत ज्यादा स्ट्रेंथ में लेने की जरूरत नहीं है। डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक 5 प्रतिशत नायसिनामाइड से शुरुआत की जा सकती है। अगर ज्यादा स्ट्रेंथ ली जाए तो कुछ लोगों की त्वचा में इरिटेशन हो सकती है।
इसलिए जब भी आप सीरम खरीदें तो नायसिनामाइड का ज्यादा प्रतिशत देखने की बजाए अपनी स्किन को समझें कि कहीं उसे इससे सेंस्टिविटी न हो।
अगला स्टेप है मॉइस्चराइजर
सीरम के बाद आपको मॉश्चराइजर लगाने की भी जरूरत है। अक्सर ऑयली स्किन वाले लोगों को लगता है कि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। पर ऐसा सोचना गलत है। ऑयली त्वचा को भी मॉश्चराइजर की सख्त जरूरत होती है क्योकि त्वचा से नमी कम होने पर त्वचा हायड्रेशन को बैलेंस करने के लिए और भी ज्यादा ऑयल बनाने लग जाती है। इसलिए ऑयल कंट्रोल करना चाहते हैं तो मॉश्चराइजर को स्किप मत करें।
अपनी स्किन टाइप के हिसाब से हल्का मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है। अगर आप एक्ने या ऑयली स्किन के लिए मॉश्चराइजर लगाना चाहते हैं तो जेल बेस्ड या वॉटर बेस्ड नॉन कोमेडोजेनिक मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करें। वहीं अगर आपकी स्किन बहुत ड्राय है तो आपको हेवी मॉश्चराइजेशन की जरूरत पड़ सकती है। यह बहुत कुछ मौसम पर भी निर्भर करता है।
सनस्क्रीन है बेहद जरूरी
सनस्क्रीन आपकी स्किन को फोटो एजिंग से बचा सकती है जिससे आपको समय से पहने फाइनलाइन्स और अन्य एजिंग साइन का सामना नहीं करना पड़ेगा। कोशिश करें कि एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा की ब्रॉड स्पेक्ट्रम वाली सनस्क्रीन रोज लगाएं फिर चाहें आपको घर के भीतर ही क्याें न रहना हो।
अगर आपके सनस्क्रीन में पहले से मॉइस्चराइजिंग गुण मौजूद हैं तो अलग से मॉइस्चराइजर लगाने की जरूरत आपकी स्किन की जरूरत पर निर्भर कर सकती है। ऑयली स्किन है तो अलग से मॉश्चराइजर स्किप किया जा सकता है।
चेहरे पर शाइन आ रही है तो आने दें
अगर चेहरे पर थोड़ी नेचुरल शाइन आ रही है तो उसे हर हाल में हटाने की जरूरत नहीं है। खासकर ऑयली स्किन को देखकर उसे पूरी तरह मैट बनाने के लिए बार-बार ऑयल कंट्रोल करने वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं है।
ऑयली स्किन को बहुत ज्यादा सुखाने की कोशिश करने की जरूरत नहीं होती। बल्कि ऑयली स्किन आपके लिए एंटी एजिंग के वरदान का काम करती है। इस तरह की स्किन में एजिंग जल्दी नहीं होती है और फाइन लाइन्स दूर रहती हैं।
यानी चेहरे पर हल्की चमक दिख रही है तो उसे अपनी समस्या न समझें। बहुत ज्यादा ऑयल आ रहा है तो उसे कंट्रोल करना अलग बात है, लेकिन सिर्फ मैट लुक पाने के लिए त्वचा को जरूरत से ज्यादा ड्राय करना सही नहीं है।
