नई दिल्ली:– हर महीने की पहली तारीख कई मायनों में महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी दिन कई बड़े नियमों में बदलाव लागू होते हैं. इनमें से कई बदलाव सीधे आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित करते हैं. इसके अलावा 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है, इसलिए ज्यादातर संस्थान इसी समय अपने नियम और नीतियों में बदलाव करते हैं. 1 अप्रैल से देशभर के बैंक ATM से जुड़े कई बड़े बदलाव करने जा रहे हैं? ये बदलाव नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ लागू होंगे. बड़े निजी और सरकारी बैंकों ने जो नए नियम घोषित किए हैं, उनका असर कैश निकालने की सीमा, ATM ट्रांज़ैक्शन चार्ज और ATM से पैसे निकालने के तरीके पर पड़ेगा.
HDFC Bank के नए नियम
HDFC Bank ने बताया है कि अब UPI से ATM पर कैश निकालना भी आपकी महीने की फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में गिना जाएगा. पहले UPI-आधारित ATM निकासी अलग गिनी जाती थी, अब इसे सामान्य ATM ट्रांजेक्शन जैसा माना जाएगा. यदि आप अपनी फ्री लिमिट पार करते हैं, तो आपको 23 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन (टैक्स अलग) देना होगा. दरअसल, HDFC ATM पर 5 फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट मिलती है. वहीं, दूसरे बैंकों के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 फ्री ट्रांजेक्शन और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजेक्शन मिलती है. पहले UPI-आधारित ATM निकासी को अलग कैटेगरी माना जाता था और यह आपकी फ्री लिमिट में शामिल नहीं होती थी, लेकिन अब UPI से की गई कैश निकासी भी आपके कुल फ्री ATM ट्रांजेक्शनों का हिस्सा मानी जाएगी.
PNB के नए नियम
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी कुछ बदलाव किए हैं. नई व्यवस्था के अनुसार, कुछ खास डेबिट कार्डों से अब ग्राहक 50,000 से 75,000 रुपये तक प्रतिदिन निकाल सकेंगे. यह लिमिट आपके कार्ड के प्रकार पर निर्भर करेगी. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने कुछ खास डेबिट कार्डों की दिनभर की कैश निकासी सीमा बदल दी है. कुछ डेबिट कार्ड जिनसे पहले 1,00,000 तक निकासी की अनुमति थी, उनकी लिमिट अब कम कर दी गई है.
Jio Payments Bank का नया बदलाव
इसी बीच, जियो पेमेंट्स बैंक ने एक नया तरीका शुरू किया है. अब ग्राहक QR कोड स्कैन करके पैसे निकाल सकेंगे. बैंक के प्रतिनिधि एक UPI QR कोड देंगे. ग्राहक अपने मोबाइल से QR स्कैन करेंगे और UPI ऐप में पेमेंट को अनुमति देंगे. इसके बाद उन्हें नकद मिल जाएगा. यह सुविधा कैश निकालने की प्रक्रिया को और आसान और सुरक्षित बनाती है.
