मध्यप्रदेश:- किसानों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. सीएम मोहन यादव ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की समय-सीमा को 23 मई से बढ़ाकर अब मई 28 मई 2026 तक कर दिया है. भोपाल के जंबूरी मैदान में एक बड़े सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जिन किसानों ने 23 मई तक अपना स्लॉट बुक कर लिया है, वे सभी अब आराम से 28 मई तक केंद्रों पर जाकर अपना गेहूं बेच सकेंगे. इस फैसले से उन किसानों को सबसे बड़ी राहत मिली है जो लंबी कतारों की वजह से अब तक अपनी फसल नहीं बेच पाए थे.
इस साल मौसम की मार और किसानों की सहूलियत को देखते हुए सरकार ने तारीखों में कई बार बदलाव किया है. शुरुआत में सरकारी सेंटरों पर स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख 30 अप्रैल रखी गई थी. बाद में इसे बढ़ाकर 9 मई किया गया और फिर 23 मई तक का मौका दिया गया. अब किसानों के पास गेहूं बेचने के लिए 28 मई तक का समय है.
तारीख बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने गेहूं की क्वालिटी की शर्तों में भी किसानों को बहुत बड़ी ढील दी है. बेमौसम बारिश की वजह से जिन किसानों की फसल की चमक चली गई थी, उनका अब 50 प्रतिशत तक चमक विहीन गेहूं भी सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाएगा. इसके अलावा, छोटे या सूकड़े दानों की लिमिट को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और कटे-फटे या क्षतिग्रस्त दानों की लिमिट को बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है.
गेहूं खरीदी के मामले में मध्यप्रदेश इस समय पूरे देश में पहले पायदान पर पहुंच गया है. सीएम मोहन यादव ने बताया कि देश के किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले सबसे ज्यादा किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का काम एमपी सरकार ने किया है. अब तक सरकारी केंद्रों के जरिए 91 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की रिकॉर्ड तोड़ खरीदी पूरी की जा चुकी है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है.
बीते साल में मध्यप्रदेश सरकार ने कुल 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी. लेकिन इस बार राज्य सरकार ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है. सरकार जिस तेजी से काम कर रही है, उसे देखकर लगता है कि इस बार 100 लाख टन से ज्यादा की खरीदी का ऐतिहासिक मुकाम जल्द हासिल कर लिया जाएगा.
सीएम मोहन यादव ने बताया कि इस बार काम काफी बड़ा है और प्रशासन के सामने अनाज भंडारण, बारदाने, बेमौसम बारिश और माल को एक जगह से दूसरी जगह भेजने जैसी कई चुनौतियां का सामना करना पड़ा है. लेकिन इन दिक्कातों के बावजूद सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने के लिए संकल्पबद्ध है.
सरकार का मानना है कि बेमौसम बारिश और खराब मौसम के चलते किसान परेशान थे, इसलिए नियमों में ये ढील और तारीखों को आगे बढ़ाना जरूरी थी. सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी सरकार किसान, गरीब, युवा और महिलाओं समेत समाज के हर वर्ग की समस्याओं को हल करने और उनके कल्याण के लिए दिन-रात काम कर रही है.
