भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की थ्रीडी तस्वीर जारी की है. साथ ही कहा है कि इसे देखने का असली मजा थ्रीडी चश्मे से देखने पर आएगा. वह भी रेड और सयान 3डी ग्लास से. असल में यह तस्वीर प्रज्ञान रोवर ने कुछ दिन पहले लैंडर से 15 मीटर दूर यानी करीब 40 फीट की दूरी से क्लिक की थी. इसरो ने विक्रम लैंडर के आसपास की सतह के डायमेंशन को स्टीरियो और मल्टी-व्यू इमेज के तौर पर जारी किया है.
इसे इसरो एनगलिफ कह रहा है. इस फोटो को प्रज्ञान रोवर के नैवकैम ने लिया था. जिसे बाद में नैवकैम स्टीरियो में बदल दिया गया.यह 3-चैनल वाली तस्वीर है. यह असल में दो तस्वीरों का मिश्रण है. एक तस्वीर रेड चैनल पर थी. दूसरी ब्लू और ग्रीन चैनल पर थी. दोनों को मिलाकर बनाने से यह तस्वीर बनकर सामने आई. इसकी वजह से देखने वाले को विक्रम लैंडर थ्रीडी में दिखेगा.
यानी आपको ऐसा लगेगा कि आप चांद पर खड़े होकर विक्रम को देख रहे हों. यहां दिखाई गई तस्वीर में अगर आप क्लॉकवाइज यानी घड़ी के घूमने की दिशा में चलें तो सबसे पहले दिख रहा है सोलर पैनल. यानी ये सूरज की गर्मी से ऊर्जा लेकर रोवर को देगा. उसके ठीक नीचे दिख रहा सोलर पैनल हिंज. यानी जो सोलर पैनल को रोवर से जोड़कर रखता है. इसके बाद है नेव कैमरा यानी नेविगेशन कैमरा. ये दो हैं. ये रास्ता देखने और चलने के लिए दिशा तय करने में मदद करते हैं. इसका चेसिस दिख रहा है. सोलर पैनल के नीचे आने पर उसे संभालने वाला सोलर पैनल होल्ड डाउन है.
