छत्तीसगढ़:– शहर में बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कार निर्माण के उद्देश्य से हर वर्ष आयोजित होने वाला ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा का समर कैंप इस वर्ष भी 1 मई से प्रारंभ होने जा रहा है। “संस्कारों की पाठशाला” के रूप में पहचाना जाने वाला यह विशेष शिविर 1 मई से 10 मई 2026 तक प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से 10:30 बजे तक ज्ञान ज्योति भवन, ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा में आयोजित किया जाएगा।
यह समर कैंप पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, जिसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास, सकारात्मक सोच का निर्माण तथा आत्मविश्वास को बढ़ाना है।
ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा की संचालिका बीके प्रियंका ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शिविर में बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा। इसमें सरकारी अधिकारी, विज्ञान एवं वित्त क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो बच्चों को अपने अनुभवों से प्रेरित करेंगे और उनके करियर मार्गदर्शन में भी सहयोग देंगे।
शिविर के दौरान योग एवं मेडिटेशन सत्र, आध्यात्मिक क्लासेस, वैल्यू-बेस्ड वर्कशॉप्स तथा अनेक रोचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बच्चों के लिए समूह एवं व्यक्तिगत (ग्रुप और सोलो) गतिविधियां रखी गई हैं, जिनमें वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकेंगे।
इस विशेष शिविर में एक और आकर्षण यह रहेगा कि विभिन्न स्कूलों से आए प्रतिभागियों के बीच से “बेस्ट बॉय” और “बेस्ट गर्ल” का चयन भी किया जाएगा, जिससे बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता की भावना विकसित हो सके।
शिविर में भावनात्मक विकास (Emotional Development), योग एवं ध्यान (Yoga & Meditation), आध्यात्मिक सत्र (Spiritual Sessions), मूल्य आधारित कार्यशालाएं (Value-Based Workshops) और मनोरंजक प्रतियोगिताएं (Fun Competitions) शामिल रहेंगी, जिससे बच्चों का मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित हो सके।
ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा द्वारा सभी तिल्दा वासियों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों, जो कक्षा 6वीं से 12वीं के बीच हैं, को इस संस्कारमय शिविर में अवश्य भेजें ताकि वे अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकें और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें
