
दुर्ग : 29 जून बुधवार रात नोनी जिले के तुपुल रेलवे स्टेशन के पास हुए लैंडस्लाइड की चपेट में 107 टेरिटोरियल आर्मी का कैंप आ गया। वहीं अब खबर है कि लैंडस्लाइड की चपेट में आने से भिलाई के लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पाण्डेय शहीद हो गए हैं। 107 बटालियन गोरखा राइफल्स मणिपुर में लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पाण्डेय तैनात थे। वे मणिपुर के नोनी जिले के तुपुल में रेलवे स्टेशन निर्माण स्थल पर एक बड़े भूस्खलन के बाद लापता हो गए थे। रविवार को उनका शव बरामद कर लिया गया है. वहीें दुर्ग जिले में शोक की लहर है।
बता दें कि मणिपुर के नोने जिला अंतर्गत जिरिबम रेलवे लाइन और स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा था। बोडो उग्रवादियों की वजह से यह प्रदेश का सबसे रिमोट और संवेदनशील एरिया में है। इसलिए निर्माण कार्य में लगे लोगों की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी की कंपनी 107 को तैनात किया गया है। लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव टीम के कमांडर हैं और बीते तीन वर्षों से वहां पदस्थ थे।
हादसे के वक्त माँ से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था जवान
कपिलदेव पांडेय भिलाई प्रेस क्लब की अध्यक्ष भावना पांडेय के भाई थे। परिजनों के मुताबिक घटना बुधवार रात करीब साढ़े 12.30 बजे की है। मणिपुर के इंफाल में निर्माणाधीन जिरिबम रेलवे लाइन और रेलवे स्टेशन के पास आर्मी का बेस कैंप था, उस बेस कैंप में लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय भी थे। जिस समय हादसा हुआ कपिलदेव अपनी मां कुसुम और बहन भावना पांडेय से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे।
मां ने उनसे पूछा भी कि कपिल तीन साल से भिलाई नहीं आए। कब आ रहे हो। इस पर उन्होंने जल्द आने की बात भी कही। रविवार को कपिलदेव पाण्डेय का शव बरामद किया गया। कपिल देव पाण्डेय 63/1, नेहरू नगर पूर्व भिलाई के रहने वाले थे, जिस समय यह हादसा हुआ। उसके कुछ देर पहले तक वे भिलाई में अपनी मां से फोन पर बात कर रहे थे।