नई दिल्ली:– देश में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह पर एक छात्रा को परीक्षा के प्रश्नपत्र देने के बहाने प्रताड़ित करने और अश्लील बातचीत करने का आरोप लगा है। छात्रा द्वारा सौंपी गई कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया है।
वायरल ऑडियो में प्रोफेसर को छात्रा से यह कहते सुना जा सकता है, “डार्लिंग, मैंने तुम्हारे लिए दो पेपर निकाल लिए हैं। तुम मुझसे मिलने कब आओगी?’ जब छात्रा ने जवाब दिया कि उसने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और उसे लीक पेपर की जरूरत नहीं है, तो प्रोफेसर ने दबाव बनाते हुए कहा, ‘कोशिश मत करो, परीक्षा से पहले सात दिन के भीतर मुझसे आकर मिलो।’, छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे बार-बार बुलाने का मकसद उसका शारीरिक उत्पीड़न करना था।
विश्वविद्यालय की कार्रवाई और ‘आंतरिक राजनीति’ का दावा
इस घटना के सामने आने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति जेपी सैनी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति को 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, आरोपी प्रोफेसर परमजीत सिंह ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उसका दावा है कि उसे विश्वविद्यालय की ‘आंतरिक राजनीति’ के चलते झूठा फंसाया जा रहा है।
परिसर में ABVP का प्रदर्शन
प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न और परीक्षा की शुचिता भंग करने के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर आक्रोश है और सीबीआई मामले की जांच कर रही है। हाल ही में पुणे से एक केमिस्ट्री प्रोफेसर को नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। लखनऊ की इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि पेपर लीक का जाल अब शैक्षणिक संस्थानों के भीतर तक पैठ बना चुका है, जहाँ शिक्षक ही छात्रों के शोषण का जरिया बन रहे हैं।
