नई दिल्ली:– देश में गैस सप्लाई को लेकर बढ़ती परेशानियों के बीच रायपुर में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग ने शिकायत मिलने के बाद शहर की तीन गैस एजेंसियों पर एक साथ छापा मारा। जांच के दौरान कई अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाए।
मौर्य गैस एजेंसी से भारी मात्रा में सिलेंडर बरामद
नरहदा स्थित मौर्य गैस एजेंसी की जांच में अधिकारियों को 883 घरेलू और 53 व्यावसायिक गैस सिलेंडर मिले, जिनका रिकॉर्ड दस्तावेजों में दर्ज नहीं था। विभागीय टीम को गोदाम में स्टॉक से जुड़ी कई गड़बड़ियां भी मिलीं। आवश्यक दस्तावेजों का संधारण नहीं किया गया था और दैनिक स्टॉक की जानकारी भी अपडेट नहीं थी। कार्रवाई करते हुए एजेंसी को सील कर दिया गया।
तीनों एजेंसियों के गोदामों में जांच
खाद्य विभाग की टीम ने मौर्य गैस एजेंसी के अलावा कान्हा गैस एजेंसी और लक्ष्मी गैस एजेंसी में भी जांच की। यह कार्रवाई सहायक संचालक सचिन मारकम और सहायक खाद्य अधिकारी देवेंद्र बग्गा की निगरानी में की गई। अधिकारियों ने दफ्तर और गोदाम दोनों जगह रिकॉर्ड की जांच की।
रिकॉर्ड और ऑनलाइन स्टॉक में मिला अंतर
जांच के दौरान कान्हा और लक्ष्मी गैस एजेंसियों में भी दस्तावेजों की कमी और स्टॉक में गड़बड़ी पाई गई। ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान नहीं हो सका। हालांकि इन एजेंसियों से कितने सिलेंडर जब्त किए गए हैं, इसकी जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।
महासमुंद गैस घोटाले से जुड़ सकती है जांच
खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद यह माना जा रहा है कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी में कुछ एजेंसी संचालकों की भी भूमिका हो सकती है। महासमुंद गैस घोटाले की जांच में भी कई गैस एजेंसियों पर संदेह जताया गया है और पुलिस गोपनीय जांच कर रही है।
प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
रायपुर के अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि तीनों गैस एजेंसियों में अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
