मध्यप्रदेश:– भिंड जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने सरकारी गेहूं खरीदी व्यवस्था की लापरवाही उजागर कर दी है। मौसम विभाग ने चार दिन पहले ही तेज आंधी, बारिश और ओलों को लेकर अलर्ट जारी किया था, इसके बावजूद खरीदी केंद्रों पर गेहूं को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
हालात यह रहे कि आलमपुर खरीदी केंद्र के बाहर खुले में रखा करीब 3 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया, जिससे नुकसान की स्थिति पैदा हो गई। मीडिया रिपोर्टे्स की मानें तो आलमपुर खरीदी केंद्र पर किसानों से खरीदा गया गेहूं गोदामों में पर्याप्त जगह नहीं होने की वजह से खुले में रखा गया था।
कई जगहों पर सीधे जमीन पर पड़ा था गेंहू
कई स्थानों पर गेहूं सीधे जमीन पर रखा हुआ था, जबकि कुछ जगहों पर उसे बोरियों में भरकर रखा गया था। हालांकि उसे ढकने के लिए तिरपाल या अन्य किसी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम नहीं किया गया था। बारिश शुरू होते ही बड़ी मात्रा में गेहूं भीग गया और खरीदी व्यवस्था की लापरवाही उजागर हो गई।
वेयर हाउस में पहले से ही भरा था 2700 क्विंटल गेंहू
असल में आलमपुर के जिस वेयर हाउस में खरीदा गया अनाज रखा जाना था, उसे पूर्व में गेहूं खरीदी घोटाले के आरोपों के बाद प्रशासन ने बंद कर सील कर दिया था। गोदाम के अंदर पहले से बड़ी मात्रा (करीब 2700 क्विंटल) अनाज भरा होने की वजह से नई खरीदी का स्टॉक रखने की व्यवस्था नहीं बन सकी। ऐसे में प्रशासन ने मजबूरी में बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदी केंद्र परिसर के बाहर ही रखवा दिया। पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने के चलते बारिश आते ही खुले में रखा अनाज पूरी तरह भीग गया और अव्यवस्थाएं सामने आ गईं।
बारिश के बाद और ज्यादा बढ़ी किसानों की परेशानी
बारिश के बाद किसानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। खरीदी केंद्रों पर जगह की कमी के चलते तुलाई का काम लगभग रुक गया है। कई किसान पिछले पांच दिनों से अपनी फसल की तुलाई होने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बारिश के बाद केंद्र प्रभारियों ने तुलाई कराने से मना कर दिया, जिससे उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली का किराया और अन्य अतिरिक्त खर्च उठाने पड़ रहे हैं। ऐसे में जहां एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार गेंहू उपार्जन की संख्या बढ़ाने की बात कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ ऐसी प्रशासनिक लापरवाही सामने आ रही हैं।
