छत्तीसगढ़:- जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत शिवरीनारायण में कथित अवैध रेत खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद अंकुर गोयल और उनकी टीम ने रेत खनन की सूचना पर मौके पर पहुंचकर रेत खनन कर रहे लोगों को पकड़ा।
इसी दौरान वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद विनोद शर्मा भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों पार्षदों के बीच तीखी बहस और विवाद की स्थिति बन गई। खास बात यह है कि दोनों ही पार्षद भाजपा से जुड़े हुए हैं। मामला यहीं नहीं रुका। मौके पर रेत खनन कर रहे लोगों से जब पूछा गया कि आखिर किसके कहने पर रेत खनन का काम किया जा रहा है, तो उनके द्वारा ललित कश्यप, जिला मोर्चा महामंत्री का नाम लिए जाने की बात सामने आई है।
वहीं, रेत से संबंधित एक स्लिप में भी ललित कश्यप का नाम दर्ज होने की बात कही जा रही है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों द्वारा किसी व्यक्ति का नाम लिए जाने या स्लिप में नाम दर्ज होने मात्र से किसी की भूमिका साबित नहीं होती। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना जरूरी है।
विवाद के बाद मामले को लेकर शिवरीनारायण थाने में लिखित शिकायत भी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब सवाल यह है कि मौके पर हो रहा रेत खनन वैध अनुमति के तहत था या नहीं? रेत खनन के लिए अनुमति किसके नाम पर थी? और मौके पर मौजूद लोगों ने जिस व्यक्ति का नाम लिया, उसका इस पूरे मामले से वास्तविक संबंध क्या है?
वहीं, अगर जांच में रेत खनन नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी? क्या संबंधित विभाग को इस गतिविधि की जानकारी थी! इन तमाम सवालों के जवाब अब प्रशासनिक और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
