सहारा इंडिया पर लोगो के पैसे न लौटाए जाने का आरोप बढ़ता जा रहा है। देश के अलग-अलग राज्यां में लोगो द्वारा प्रशासन से शिकायत की जा रही है कि तय अवधि पूरी होने के बाद भी सहारा इंडिया द्वारा रकम नही लौटाई जारही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के देहरादून अपर जिलाधिकारी डा एसके बरनवाल ने कम्पनी के क्षेत्रीय निदेशक को आदेश देते हुए कहा है कि वह 15 दिनां में लोगो की रकम लौटाएं।
साथ ही कहा है कि अगर ऐसा नही किया जाता है ते क्यों न कम्पनी के कार्यालयों को सील कर उन पर एफआईआर दर्ज करवा दी जाये। इस मामले में विभिन्न शिकायतों का संज्ञान लेकर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डा. एसके बरनवाल ने कंपनी के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश सिंह को 15 दिन के भीतर रकम लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न कंपनी के कार्यालयों को सील कर एफआइआर दर्ज करा दी जिलाधिकारी कार्यालय में दर्ज कराई थी शिकायत :सहारा क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए राजीव नगर निवासी ओमवती पाल, शास्त्रीनगर निवासी मनोज कुमार, आरसी पाल आदि ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
जिलाधिकारी सोनिका के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी डा. बरनवाल ने सभी पक्षों को बुलाकर सुनवाई की। कंपनी के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश सिंह की ओर से दाखिल किए गए जवाब में कहा गया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोसाइटी के सदस्यों को अग्रिम आदेश तक धनराशि प्राप्त करने पर रोक लगा रखी है।
धनराशि का प्रवाह (लिक्विडिटी) बाधित होने के चलते किसी भी तरह का भुगतान करना संभव नहीं हो पा रहा। जब तक कोर्ट से प्रकरण का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक भुगतान नहीं किया जा सकता। वहीं, सोसाइटी में निवेश करने वाले व्यक्तियों ने बताया कि कंपनी नाम बदलकर अब भी जनता से धनराशि प्राप्त कर रही है। कोर्ट की रोक के बाद भी कंपनी अपनी संपत्तियों को बेच रही है। ऐसे में परिपक्वता के बाद भी सदस्यों को भुगतान न किया जाना उचित नहीं