नई दिल्ली:– भारत में हर छोटी-बड़ी बात पर चाय पीने का चलन है। चाय पीने का चलन हजारों साल पुराना है। आज भी इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है. मौसम चाहे सर्दी, गर्मी या बारिश का हो, चाय प्रेमी इसे पीना नहीं छोड़ते है।
गर्मियों में दूध वाली चाय पीने से एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, ऐसे में हर्बल टी पीना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
कमल, गुड़हल, गुलाब, पारिजात, अदरक, नींबू व दालचीनी से बनी चाय शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ तनाव कम करने और दिनभर एनर्जी बनाए रखने में मदद करती है। आयुर्वेद के अनुसार, इनमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। इनसे बनी चाय में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
अदरक की चाय
जी मिचलाने या उल्टी जैसा महसूस होने पर अदरक की चाय फायदेमंद होती है। इसमें ‘जिंजरॉल’ नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो अदरक की जड़ में पाया जाता है। अदरक में विटामिन B3 और B6, आयरन, पोटैशियम और विटामिन C जैसे विटामिन और मिनरल भी थोड़ी मात्रा में पाए जाते हैं।
अदरक इम्यून सिस्टम को मज़बूत करने और सूजन को कम करने में मददगार है। अदरक खून के थक्के जमने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। इसलिए, जो लोग एस्पिरिन या क्लोपिडोग्रेल जैसी एंटीप्लेटलेट दवाएं या वारफेरिन, एपिक्सैबन, डबिगाट्रन या रिवरोक्सैबन जैसी एंटीकोआगुलेंट दवाएं ले रहे हैं, उनके लिए अदरक का सेवन खतरनाक हो सकता है। साथ ही, सर्जरी के दौरान या उसके बाद अदरक के सेवन से ज़्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।
गुड़हल की चाय
गुड़हल की फूल न केवल पूजा के काम आती है बल्कि गुड़हल के फूलों से चाय भी बनाई जाती है। गुड़हल की चाय विटामिन-सी से भरपूर होती है। यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, इम्युनिटी मजबूत करने और त्वचा को ग्लोइंग बनाने में मददगार मानी जाती है।
गुड़हल की चाय में एंथोसायनिन नाम का एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता हैं। यह हर्बल चाय बर्ड फ्लू में भी असरदार पाई गई है। एक स्टडी से पता चला है कि हिबिस्कस चाय ब्लड प्रेशर कम करने में मदद कर सकती है। इससे LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद मिलती है।
कैमोमाइल टी
कैमोमाइल, एस्टेरेसी परिवार के पौधों के फूलों से मिलने वाली एक जड़ी-बूटी है। दुनिया भर में लोग पुराने समय से ही कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इसे एक प्राकृतिक उपाय के तौर पर इस्तेमाल करते आ रहे हैं। कैमोमाइल टी सिर्फ सोने से पहले पीने वाला एक ड्रिंक नहीं है। कैमोमाइल में कई तरह के बायोएक्टिव फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जिनमें खास तौर पर फ्लेवोनोइड्स शामिल हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, कैरोटीन और फोलेट जैसे मिनरल्स और विटामिन के साथ-साथ दूसरे पोषक तत्व भी संतुलित मात्रा में पाए जाते हैं। कैमोमाइल चाय प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम से पीड़ित महिलाओं के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।
