नई दिल्ली:–:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को वर्धा स्थित ऐतिहासिक सेवाग्राम आश्रम का दौरा किया, जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कई वर्षों तक निवास किया था। इस दौरान राष्ट्रपति ने आश्रम की विरासत को करीब से समझा और गांधीवादी मूल्यों को नमन किया। आश्रम पहुंचने पर राष्ट्रपति का स्वागत आश्रम प्रतिष्ठान के सचिव विजय तांबे और विश्वस्त चंदनपाल द्वारा किया गया।
इसके बाद उन्होंने आश्रम परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले बापू के प्रारंभिक निवास स्थान ‘आदि निवास’ का दौरा किया, जो अब ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित है। इसके साथ ही उन्होंने ‘बापू कुटी’ का भी निरीक्षण किया, जहां महात्मा गांधी लंबे समय तक रहे।
राष्ट्रपति ने ‘बा निवास’ का भी दौरा किया, जो कस्तूरबा गांधी का निवास स्थान रहा है। इसके अलावा उन्होंने बापू के तत्कालीन कार्यालय का निरीक्षण कर वहां से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। आश्रम प्रतिष्ठान के सचिव विजय तांबे ने उन्हें बापू के जीवन और उनसे जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
चरखे पर बैठकर की सूत कताई
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने आश्रम में आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लिया और शांति, सत्य तथा अहिंसा के संदेश को आत्मसात किया। उन्होंने स्वयं चरखे पर बैठकर सूत कताई भी की, जो गांधीजी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों का प्रतीक है।
इस दौरान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, राज्यमंत्री व पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी वान्मथी सी., विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल, जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, पुलिस अधीक्षक सौरभकुमार अग्रवाल तथा आश्रम प्रतिष्ठान के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
गांधीवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संदेश
आश्रम भ्रमण के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने बापू कुटी परिसर में बेल प्रजाति के वृक्ष का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह दौरा न केवल ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि गांधीवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का भी एक सशक्त संदेश देता है।
