नई दिल्ली:- 11 अक्तूबर, रविवार से शुरु हो रहे शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घट स्थापना की जाती है। नवरात्रि की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ा सवाल यह है कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कब है और अगर सुबह पूजा की तैयारी से चूक जाएं, दूसरा मुहूर्त कब का है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, इंदौर में 11 अक्टूबर को घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6:22 बजे से 10:16 बजे तक है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक है। ये समय इंदौर के स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं।
सुबह का मुहूर्त निकलने पर भी कर सकते हैं कलश स्थापना
अगर किसी वजह से सुबह के मुख्य मुहूर्त में घटस्थापना नहीं हो पाती है, तो अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना किया जा सकता है। हालांकि, घटस्थापना के लिए तिथि, स्थानीय सूर्योदय और पंचांग की गणना महत्वपूर्ण होती है।
कलश स्थापना से पहले इन चीजों की कर लें तैयारी
मुहूर्त के दौरान जल्दबाजी से बचने के लिए पूजा की सामग्री पहले से तैयार रखें।
मिट्टी का पात्र और कलश
जौ बोने के लिए साफ मिट्टी
कलश में भरने के लिए जल
आम या अशोक के पत्ते
नारियल, मौली और रोली
अक्षत, फूल, दीपक और धूप
मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा
घटस्थापना करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
घटस्थापना को नवरात्रि पूजा की शुरुआत माना जाता है। यह आने वाले 9 दिनों के लिए पूजा का संकल्प होता है। पूजा स्थल को पहले साफ करें और कलश को स्थिर, साफ स्थान पर रखें। जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र पहले से तैयार कर लें। इसके लिए सात जगहों की मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद अपने परिवार की पूजा विधि के अनुसार संकल्प, कलश स्थापना और मां दुर्गा की आराधना करें।
