जानते चलें कि इस स्थिति में बलरामपुर रामानुजगंज जिले में कार्यरत २४६ विद्या मितान अपनी सेवाएं दे रहे हैं । जहां – जहां विद्या मितान है वहां पर पढ़ाई निर्बाध रूप से हो रही है । गौरतलब है किबलरामपुर रामानुजगंज जिले के सभी नियमित शिक्षक हड़ताल पर 25 जुलाई से चले गए है जिसके बाद स्कूलों में पढ़ाई ठप्प पड़ गई है, साथ ही साथ विद्यालय की साफ सफाई , एडमिशन एवं अन्य हर गतिविधि प्रभावित हो रही हैं।

जिस प्रकार से नियमित शिक्षकों के द्वारा हड़ताल पर चले जाने के बाद जिले के लगभग लगभग सभी स्कूलों में तालाबंदी जैसी स्थिति निर्मित हो गई है ऐसी स्थिति में जिस प्रकार से विद्या मितान के द्वारा कार्य किया जा रहा है उसकी जमकर सराहना भी हो रही है। विद्या मितान संघ के अधिकारियों ने कहा कि हम लोगों के द्वारा इमानदारी पूर्वक अपने कार्यों का निर्वहन किया जा रहा है। हम लोगों की मांगों पर भी सरकार को ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

विद्या मितान जहां – जहां कार्यरत है वहां वहा उनके शिक्षकीय कार्य की जमकर सराहना हो रही है वही उनके पदस्थापना वाले स्कूल में स्कूल का परीक्षा परिणाम भी उत्कृष्ट रहा । जानते चलें कि जन घोषणा पत्र में विद्या मितान को नियमित करने का किया था। वादा कांग्रेस के द्वारा छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पूर्व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार गठन होने पर प्रदेश में कार्यरत सभी विद्या मितान को नियमित करने का वादा किया था। अब विद्या मितान छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी सरकार से अपने वादा को निभाने की मांग कर रहे हैं ।दूसरी ओर वेतन वृद्धि की अपनी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आंदोलन में शिक्षकों के सभी संगठन शामिल हो रहे हैं।

राज्य में सैकड़ों की संख्या में ऐसे स्कूल हैं, जहां सिर्फ एक शिक्षक हैं। जहां एक से ज्यादा शिक्षक हैं, वहां भी सभी ने छुट्टी के लिए आवेदन दे दिया है। फिलहाल स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ मध्याह्न भोजन, कोरोना वैक्सीनेशन, जाति-निवास प्रमाण पत्र आदि जिम्मेदारी भी शिक्षकों के पास है। जाहिर है कि हड़ताल पर होने के कारण ये सारे काम प्रभावित होंगे।