नई दिल्ली:- स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान के कई लाभ है। नियमित रक्तदान से संबंधित व्यक्ति का रक्त पतला रहता है। इन्हें हृदयघात का खतरा कम रहता है। यह देखा गया है कि बार-बार रक्तदान करने वाले व्यक्ति का कोलेस्ट्राल कम रहता है। यह जानकारी नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज के पैथोलाजिस्ट डा. भरत पुनासे ने दी। वे बुधवार को नईदुनिया के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में पाठकों के रक्तदान संबंधी प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।
परीक्षा से एक माह पूर्व यदि कोई छात्र रक्तदान करता है, तो उसकी स्मृति का स्तर बेहतर रहता है
डा. भरत पुनासे ने बताया कि प्रत्येक स्वस्थ्य व्यस्क व्यक्ति जिसे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 13 ग्राम से कम नहीं है, वह रक्तदान कर सकता है। परीक्षा से एक माह पूर्व यदि कोई छात्र रक्तदान करता है, तो उसकी स्मृति का स्तर बेहतर रहता है। डा. पुनासे ने रक्तदान संबंधी भ्रांतियों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारियां पाठकों के साथ साझा की। एनीमिया, सिकल सेल, थैलेसीमिया रोगों से संबंधित पाठकों की शंकाओं का समाधान किया।
आठ से 10 ग्राम तक हीमोग्लोबिन है, आयरन प्रचुरता वाली सब्जी, फल एवं पाैष्टिक खाना लें
एनीमिया को तीन भाग में वर्गीकृत किया जाता है। जिनके शरीर में आठ से 10 ग्राम तक हीमोग्लोबिन है, उन्हें आयरन प्रचुरता वाली सब्जी, फल एवं पाैष्टिक खानपान दिया जाता है। छह से आठ ग्राम एचबी स्तर वालों को सौ दिन तक सीरप व ओरल टेबलेट या आवश्यकतानुसार इंट्रामस्कुलकर इंजेक्शन देकर ठीक किया जा सकता है। जिनके शरीर में एचबी की मात्रा छह से कम है, उन्हें ब्लड ट्रांसफ्यूजन के साथ आयरन दवा की आवश्यकता होती
