नई दिल्ली :- ज्योतिष शास्त्र में हर चीजों का महत्व होता है इसके लिए शुभ और अशुभ परिणाम मिलते है। सोने और चांदी के गहने खरीदने के दौरान हम शुभ मुहूर्त और कौन सा आभूषण सही है इसके बारे में पता करते है। ज्योतिष शास्त्र में आभूषणों को धातुओं, रत्नों और उनके रंगों के आधार पर चुना जाता है। इसके लिए हर बात का ध्यान रखना जरूरी होता है। इस दौरान कहा जाता है कि, नाक में चांदी की नथ नहीं पहननी चाहिए। ऐसा क्यों है चलिए जानते हैं इस खबर में।
प्रत्येक ग्रह एक धातु से है संबंधित
यहां पर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मानें तो, प्रत्येक ग्रह एक विशेष धातु से शासित होता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में है, तो उस ग्रह से संबंधित धातु का आभूषण पहनकर उसे शांत किया जा सकता है।
सोना-चांदी पहनने को लेकर हैं नियम
यहां पर ज्योतिष शास्त्र में सोना और चांदी के पहनने के नियम बताए गए है जिसके अनुसार इसका पालन करना जरूरी होता है। यहां पर शास्त्र के अनुसार, सोने को हमेशा शरीर के ऊपरी हिस्सा में पहनने की मान्यता है तो वहीं पर शरीर के निचले भाग में चांदी पहनने की मान्यता है। आपको बता दें, शरीर का ऊपरी हिस्सा भगवान का हिस्सा माना जाता है।
जानिए नाक में क्यों नहीं पहनते है चांदी
यहां पर चांदी पहनने को लेकर नियम बताए गए है इसके अनुसार, चांदी की पायल अक्सर पैर में पहनी जाती है इसका नियम भी यही कहता है कि, चांदी को नाक में नहीं निचले स्तर पर पहने।चांदी का सतह शीतल होता है और यह शरीर में ठंडक पहुंचाती है। साथ ही चांदी में चंद्रमा का वास होता है। वहीं सोना में माता लक्ष्मी का वास है। इसलिए इसे शरीर के निचले हिस्से में पहनने से वह नाराज हो सकती हैं। अगर हम चांदी को नाक में पहनते हैं तो, शुक्र की स्थिति कमजोर हो जाती है इसके लिए नाक में किसी भी धातु को पहन लें लेकिन चांदी की नथ या कोई आभूषण नहीं पहनना चाहिए।
