नई दिल्ली:– महिलाओं के शरीर में होने वाले सभी बदलाव हार्मोन से जुड़े होते हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि पीरियड्स का कभी-कभी कुछ दिनों के लिए लेट होना सामान्य बात है। इसके पीछे तनाव, पूरी नींद न लेना, हार्मोनल बदलाव, वेटलॉस-वेटगेन, ज्यादा एक्सरसाइज या लाइफस्टाइल से जुड़े कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में बिना वजह चिंता करने की बजाय शरीर को थोड़ा समय देते हुए हेल्दी आदतों को अपनाना चाहिए।
अगर आपके पीरियड्स भी फिर से लेट हो गए हैं? आज हम आपको आपके किचन में मौजूद जड़ी-बूटियों और मसाले से तैयार एक ऐसे काढ़े के बारे में बता रहे हैं, जिसे रात को सोने से पहले पीने से शरीर का नेचुरल बैलेंस सही रहता है।
यह काढ़ा मात्र तीन चीजों से बनकर तैयार हो जाता है-
मेथी के बीज- 1 चम्मच
अजवाइन- 1/2 चम्मच
पार्सले की टहनियां- 8-9
पानी- 200 मिलीलीटर
काढ़ा बनाने की तरीका
एक पैन में पानी डालें।
इसमें मेथी, अजवाइन और पार्सले मिलाएं।
इसे धीमी आंच पर अच्छी तरह उबालें।
जब पानी थोड़ा कम हो जाए तब गैस बंद कर दें।
अब इसे छानकर हल्का गर्म होने पर रात को सोने से पहले पिएं।
किस समय पीना है फायदेमंद
अगर आपके पीरियड्स रेगलुर आते हैं, तो अनुमानित पीरियड डेट से लगभग 7 दिन पहले इस काढ़े को पीना शुरू किया जा सकता है। जिन चीजों को काढ़े में इस्तेमाल किया गया है, उन सब की तासीर गर्म होती है, इसलिए ये सभी मेंस्ट्रुअल हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं।
पार्सले
यह महिलाओं के लिए फायदेमंद जड़ी-बूटी है। इसमें मौजूद तत्व पीरियड्स फ्लो को सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा पार्सले में विटामिन A, C और K जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं। इसमें मौजूद एपियोल और मिरिस्टिसिन तत्व गर्भाशय को उत्तेजित करते हैं, जिससे मासिक धर्म होने में आसानी होती है।
मेथी
मेथी के बीज सिर्फ पेट के लिए ही नहीं, बल्कि हार्मोनल बैलेंस के लिए भी अच्छे होते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इसे रेगुलर और सीमित मात्रा में लेने से महिलाओं की सेहत, डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म सही रहता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट दर्द और मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स को कम करने और हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं।
अजवाइन
अजवाइन पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, अपच और पेट के भारीपन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है। इसकी गर्म तासीर के कारण पेट में होने वाली ऐंठन और पेट की असुविधा कम होती है, क्योंकि इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही होता है और पेट की मसल्स को आराम मिलता है।
