नई दिल्ली:– दांत का दर्द ऐसा दर्द है, जो अचानक शुरू होकर आपकी दिनचर्या बिगाड़ सकता है। कई लोग दांत में हल्का सा दर्द होते ही तुरंत दर्द निवारक दवा खा लेते हैं। लेकिन हर बार दवा लेना जरूरी नहीं होता। अगर दर्द हल्का है और किसी गंभीर संक्रमण की आशंका नहीं है, तो घर में मौजूद कुछ आसान चीजें भी अस्थायी राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं। आइए जानते हैं उन 5 घरेलू उपायों के बारे में, जो दांत दर्द में तुरंत आराम पहुंचाने में सहायक माने जाते हैं।
- गुनगुने नमक वाले पानी का ये आसान उपाय, जो दर्द को कर सकता है शांत
दांत दर्द होने पर एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर करीब 30 सेकंड तक कुल्ला करें। नमक में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो मुंह के बैक्टीरिया कम करने और मसूड़ों की सूजन घटाने में मदद कर सकते हैं। - इस छोटी-सी चीज में छिपा है दर्द को सुन्न करने का राज
लौंग का तेल दांत दर्द के घरेलू उपायों में सबसे लोकप्रिय माना जाता है। इसमें मौजूद यूजेनॉल (Eugenol) प्राकृतिक रूप से दर्द को सुन्न करने में मदद करता है। रुई में लौंग के तेल की 1–2 बूंद लेकर दर्द वाले दांत या मसूड़े पर हल्के से लगाएं। - ठंडक का ये तरीका दर्द के संकेतों को कर सकता है धीमा
अगर दांत के साथ गाल में भी दर्द या सूजन महसूस हो रही है, तो बर्फ को तौलिये में लपेटकर गाल के बाहर दर्द वाली जगह पर 10–15 मिनट तक रखें। ठंडी सिकाई से नसों की संवेदनशीलता कुछ समय के लिए कम हो सकती है और दर्द में राहत मिल सकती है। - रसोई की ये साधारण कली बैक्टीरिया पर कर सकती है असर
लहसुन में एलिसिन (Allicin) नामक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जिसे बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक माना जाता है। एक कली लहसुन को पीसकर उसमें चुटकीभर नमक मिलाएं और कुछ मिनट के लिए दर्द वाले दांत के पास लगाएं। - चाय का इस्तेमाल किया हुआ बैग भी बन सकता है दर्द से राहत का साथी
पुदीने की चाय का इस्तेमाल किया हुआ टी-बैग ठंडा होने के बाद दर्द वाली जगह पर 10–15 मिनट तक रखें। पुदीने की ठंडक और उसके प्राकृतिक गुण दर्द और असहजता को कुछ समय के लिए कम करने में मदद कर सकते हैं।
ध्यान रखें
अगर दांत का दर्द 1–2 दिन से ज्यादा बना रहे, सूजन बढ़ जाए, पस निकलने लगे, बुखार आए या दर्द बहुत तेज हो, तो घरेलू उपायों के भरोसे न रहें। ऐसे में जल्द से जल्द दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि दांत का दर्द कई बार कैविटी, संक्रमण या अन्य गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
