रायपुर/ जगदलपुर। नगरनार स्टील प्लांट को एनएमडीसी से पृथक करने तथा बाद में उसका निजीकरण करने के विरोध में एनएमडीसी में कार्यरत एटक से मान्यता प्राप्त सभी यूनियनों के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य एटक के नेतृत्व में दिल्ली जंतर मंतर पर 17-18 नवंबर को दो दिवसीय धरना का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। एटक के प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली स्थित केन्द्रीय मंत्री माननीय भूपेन्द्र यादव से उनके मंत्रालय स्थित कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया ।

नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेशीकरण और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) से डीमार्जर (अलगाव) के विरोध में श्रमिक संगठन आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) का दिल्ली के जंतर-मंतर में आयोजित दो दिवसीय धरना गुरुवार को समाप्त हो गया। श्रमिक संगठन अब यहां बस्तर में स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
एटक प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रीय महासचिव , एटक कामरेड अमरजीत कौर जी , प्रदेश अध्यक्ष एटक छत्तीसगढ़ , कामरेड आरडीसीपी राव जी , प्रदेश महासचिव एटक छत्तीसगढ़ , कामरेड हरिनाथ सिंह जी , कामरेड के शाह जी , अध्यक्ष एनएमडीसी यूनियन , कामरेड राजेश संधू जी महासचिव , एनएमडीसी यूनियन व अन्य शामिल रहे ।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों की भावना एनएमडीसी के साथ है। यहां की जनता चाहती है कि स्टील प्लांट एनएमडीसी अपने अधीन रखते हुए सेल अथवा आरआइएनएल के सहयोग से संचालित करे। इधर धरना समाप्ति के पूर्व बस्तर से गए श्रमिक संगठन के सदस्यों और पंचायत पदाधिकारियों ने विनिवेशीकरण और डीमार्जर के फैसले के विरोध में नारेबाजी की। श्रमिक संगठन के सदस्य शनिवार को बस्तर वापस लौटेंगे।