
अंडे और मीट भी महंगे हो गए हैं. कुछ दिन पहले तक 5.50 रुपये बिकने वाला अंडा अभी 7 रुपये प्रति नग पर पहुंच गया है. दर्जन या क्रेट के हिसाब से लें तो चवन्नी या अठन्नी की राहत भले मिल जाए, लेकिन खुदरा दाम अभी 7 रुपये के आसपास ही चल रहा है. हफ्ते भर पहले इसका रेट 6 रुपये चल रहा था. ब्रॉलर चिकन का दाम प्रति किलो 20-25 रुपये तक बढ़ गया है.
रेट में वृद्धि का सिलसिला आगे जारी रहने वाला है क्योंकि चिकन और अंडे का काम करने वाली कंपनियों और पॉल्ट्री फार्म मालिकों ने लागत खर्च बढ़ने का हवाला दिया है. इनका कहना है कि मुर्गियों के दाने पहले से महंगे हो गए हैं, इसलिए अंडे और चिकन के रेट बढ़ाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता. सब्जियों के दाम में पहले से ही आग लगी है और रेट दिनों दिन चढ़ते जा रहे हैं.
क्यों बढ़े अंडे के दाम
कुछ दिन पहले तक दाम में नए-नए रिकॉर्ड बनाने वाला खाने का तेल अभी कुछ नरम है. लेकिन नरमी अभी उस दौर के बराबर नहीं है जब हम कोरोना से पहले के रेट पर सरसों या सूरजमुखी आदि के तेल खरीदते थे. पश्चिम बंगाल पॉल्ट्री फेडरेशन सेक्रेटरी मदन मोहन कहते हैं, मुर्गियों के दाने के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हमारे कुल खर्च में 90 परसेंट तक का इजाफा है. मुर्गी के दाने और दवा में पहले ही 80 फीसद का उछाल आ चुका है.
क्या कहते हैं व्यापारी
अनमोल फीड्स के एमडी अमित सरावगी कहते हैं, ऑयल केक और फीड की लागत में वृद्धि के चलते मुर्गी दाने के दाम में तेजी देखी जा रही है. अंडे और चिकन के दाम बढ़ाने में सबसे बड़ा रोल मुर्गी दाने के दाम में हुई बढ़ोतरी है. मदन मोहन कहते हैं कि अंडे और चिकन की सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है और न ही किसी तरह की कमी है. अंडा मार्केट में लगातार सप्लाई बनी हुई है.