कोरबा/सत्येंद्र कुमार साहू जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश शीतल निकुंज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन समाचार पत्रों में छपी खबर वाकया जिले के सरहदी दुर्गम वनांचल क्षेत्र मोरगा चौकी अंतर्गत गिधमुड़ी के मझवार पारा की है जहां बुधराम मझवार के 19 वर्षीय पुत्र का रिश्ता मोहनपुर थाना लखनपुर जिला अंबिकापुर निवासी 15 वर्षीय किशोरी से तय किया गया था दोनों परिवारों ने शादी के लिए तिथि निर्धारित कर दोनों परिवारों के सदस्य गिधमुड़ी मे जुटे मेहमानों को भी आमंत्रित किए मेहमानों की आवाजाही शुरू ही हुई थी सामाजिक रीति रिवाज अनुसार आंगन में मंडप अच्छादित हो चुका,विवाह की रस्में प्रारंभ होती कि इसके पहले नाबालिकों के विवाह की सूचना डायल 112 रायपुर स्थित राज्य कंट्रोल रूम में इवेंट मिलते ही मोहकमा हरकत में आया “बाल विवाह की खबर” समाचार पत्रों में छपी जिस पर संज्ञान लेते हुए जिला सत्र न्यायाधीश ने जिला विधिक सचिव शीतल निकुंज के मार्गदर्शन पैरा लीगल वॉलिंटियर्स की सात सदस्यीय संयुक्त विधिक जागरूकता टीम गठित कर जिला सत्र न्यायालय से सैकड़ों किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी सुदूर वनांचल सरहदी क्षेत्र के पहाड़ी वादियों में बसे ग्राम पंचायत के गांव गिधमुड़ी मौके वारदात की तस्दीक करने पहुंचकर नाबालिकों का भविष्य अज्ञानता की तबाही से बचाने की मंशा कानूनी जागरूकता समझाईस देने निर्देशित किया परिपालन में टीम रवाना हुई।
सहयोग में नवीन पटेल उप निरीक्षक चौकी प्रभारी मोरगा के नेतृत्व में पुलिस बल से सहायक उप निरीक्षक राम रामकुमार यूके,आर देवेंद्र पैकरा,शिव चौहान ग्रामीणों के समक्ष उपस्थित होकर आम जनों को बाल विवाह न करने उनके दुष्प्रभावों से बचने समझाइश देने पहुंचे।
बताते चलें जिला सत्र न्यायालय की ओर से पैरा लीगल वालंटियर रमाकांत दुबे ने निज उद्बोधन में बताया “जहां कहीं लोकतंत्र है,विधिक साक्षरता उसका मूल मंत्र है” की थीम पर आम जनों को न बाल विवाह न करने बाल विवाह अभिशाप है जिसके दुष्परिणाम स्वरूप शिशु मृत्यु दर व मातृत्व मृत्यु दर बढ़ती है साथ ही गर्भवती महिलाएं नवजात शिशु अधिक तादात में एनीमिकन होने की गुंजाइश बढ़ती है बालिकाएं उत्कृष्ट शिक्षाओं से वंचित रह जाती हैं अपील के साथ समाज प्रमुखों जनप्रतिनिधियों धर्म प्रमुख व्यवसाययों को नालसा सॉन्ग के साथ उपस्थित संभ्रांतजन वृद्धजन आमजनों युवाओ को रमाकांत दुबे ने शपथ दिलाई वहीं पीएलव्ही कटघोरा आरती मंगेशकर,विजयलक्ष्मी सोनी,रवि शंकर सागर दलबीर सिंह सफीन दास महंत ने अपने-अपने वक्तव्यों में उपभोक्ता अधिकारों,टोनही प्रताड़ना, भरण पोषण अधिकारों,विधवाओं को पुनर्विवाह पर उत्तराधिकार सम्बन्धित कानूनों की जानकारी देते हुए कानूनी साक्षरता विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए समझाइश दी।
आशय की जानकारी देते हुए शीतल निकुंज जिला विधिक सचिव कोरबा ने बताया कि जिला सत्र न्यायाधीश के निर्देश के परिपेक्ष में “न्याय आपके द्वार” थीम पर जिले के दुर्गम से दुर्गम जगहों में भी कानूनी जागरूकताओं के माध्यम से तटस्थ रहकर बढ़ती संख्या में पंजीबद्ध हो रहे प्रकरणों अपराधों पर लगाम लगाने लगातार प्रयत्नशील है और यह पहल आगे भी आमजनों को कानूनी जागरूकता के प्रति जागरूक करने जारी रहेगी और जानकार सज्ञान सजग कोरबा के निर्माण में भागीदार बनेगी। कानूनी परामर्श के बाद प्रदेश और जिलों में बाल विवाह मुक्त कोरबा इतिहास के पन्नों में अंकित होगा।



