
नैशनल योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन के प्रयास से योगासन स्पोर्ट् के बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने हेमंत शर्मा ने वहां के दिव्यांग बच्चों को योग सिखाकर उनमें भी योग का प्रकाश प्रज्वलित किया।
पैरा योगासन स्पोर्ट्स की ओर से जुनैद चौधरी,आकाश शर्मा,भरत मेहता,यश कुमार,संयम मौर्या एवं अश्वनी को सम्मान दिया गया।
एशिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स एवं इंडिया बुक रिकॉर्ड ने माना कि ये है इंडिया की दिव्यांग बच्चों की पहली टीम जो करती है एक्रोबेटिक योग। जाने माने रैपर रफ्तार के हाथों योगा आर्टिस्ट ग्रुप को ये सम्मान दिया गया।
इस टीम ने दूरदर्शन के शो मेरी आवाज़ सुनो,कलर्स टी वी के शो इंडिया बनेगा मंच,ज़ी टी वी के शो बिग सेलेब्रिटी चैलेंज इंटरनेशनल में अपने हुनर का प्रदर्शन किया।इसके अलावा बच्चे कई नेशनल व स्टेट अवार्ड से नवाज़े जा चुके हैं।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, डॉ किरण बेदी, रजत शर्मा,महाबली सतपाल, सुशील कुमार व जाने माने रैपर रफ्तार के सामने भी किया अपनी कला का प्रदर्शन।
टीम के सभी सदस्य दृष्टिहीन हैं परंतु उनके हुनर को देख कर कोई कह नही सकता कि वो किसी से कम हैं।

एक्रोबेटिक योगा में दो लोगों का आपसी तालमेल और समझ बहुत ज़रूरी होती है। एक दूसरे पर आंख बंद करके भरोसा करना होता है, तभी योगा के वह प्रदर्शन किये जाते हैं जो दांतो तले उंगलियां दबाने को मजबूर कर दें। भारत में बहुत सी एक्रोबेटिक योगा की टीमें आपने देखी होंगी जो एक दुसरे की मदद से अलग अलग तरह की मीनारें आपके सामने चुटकियों में प्रस्तुत कर देती हैं।यही एक्रोबेटिक योगा जब कोई बिना देखे करे तो आसान दिखने वाली मीनारें बहुत मुश्किल हो जाती हैं।
इन बच्चों ने ना सिर्फ एक्रोबेटिक योगा में अपनी दिव्यांगता के बावजूद महारत हासिल कर ली बल्कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल करके दुनिया को बता दिया कि दिव्यांगों की छठी इंद्री उनकी सारी कमी पूरी कर देती है।
एक्रोबेटिक सिखाने वाले हेमन्त शर्मा बताते हैं कि पहले उन्हें लगा ही नहीं कि यह बच्चे भी एक्रोबेटिक कर सकते हैं। सात साल पहले जब वह बच्चों से मिले थे तब इन्हें बस ध्यान और आसन सिखाया करते थे, इन बच्चों की अन्य सामान्य बच्चों की तुलना में जल्द सीखने की आदत को देखते हुए उन्होंने यूं ही इन्हें एक्रोबेटिक सिखाया और रिजल्ट आज सबके सामने आया।
ये बच्चे फर्स्ट नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड, अनमोल अवॉर्ड के साथ साथ फर्स्ट योगा ओपन नेशनल चैम्पियनशिप, मेरी आवाज सुनो, दिल्ली स्टेट योगा चैम्पियनशिप जैसी बहुत सी प्रतियोगिताओं में सामान्य वर्ग के छात्रों को भी कड़ी टक्कर दे चुके हैं।