नई दिल्ली:- आजकल पैरों में काला धागा बांधना एक आम फैशन ट्रेंड बन चुका है। खासकर युवाओं में इसे पायल या दूसरे फुट एक्सेसरीज के तौर पर पहना जाता है, लेकिन काले धागे का चलन सिर्फ आज की फैशन चॉइस का हिस्सा नहीं है। भारतीय परंपरा में लंबे समय से इसे बुरी नजर यानी नजरबट्टू और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव का तरीका माना जाता है।
दरअसल, काले रंग का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। यही वजह है कि पैरों में काला धागा बांधने को लेकर कई तरह की धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं प्रचलित हैं।
नजरबट्टू से जुड़ा काला धागा
भारतीय घरों में बच्चों को काला टीका लगाना भी नजर से बचने का तरीका है। घर के बाहर काली चीजें लगाने को भी बुरी नजर से बचाव की परंपरा की धारणा से जोड़ा जाता है। इसी क्रम में पैरों में काला धागा बांधने की परंपरा को भी देखी जाती है। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को अपने प्रभाव में लेने और बुरी नजर से बचाव का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से कई लोग पैरों में काला धागा पहनते हैं।
शनि ग्रह से क्यों जोड़ा जाता है?
काले रंग को ज्योतिष में शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है। इसी आधार पर कुछ परंपराओं में पैरों में काला धागा बांधने को शनि से जोड़कर देखा जाता है। काला धागा शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष से जुड़ी परेशानियों के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है।
शनिवार को ही क्यों बांधते हैं काला धागा?
काला रंग शनि से जुड़ा होता है, इसलिए कई ज्योतिषीय परंपराओं में शनिवार को काला धागा बांधना शुभ बताया जाता है। हालांकि मंगलवार का दिन भी इसके लिए उपयुक्त माना गया है।
पैर में काला धागा बांधने को लेकर क्या हैं मान्यताएं?
पैर में काला धागा बांधने के पीछे मुख्य रूप से तीन वजहें बताई जाती है-
बुरी नजर से बचाव- इसे नजरबट्टू के तौर पर पहनने की परंपरा कई जगहों पर देखने को मिलती है।
नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा- कुछ धार्मिक मान्यताओं में माना जाता है कि काला धागा नकारात्मक प्रभावों से बचाता है।
शनि से संबंध- काले रंग को शनि से जोड़ने के कारण इसे शनि संबंधी उपायों में भी शामिल किया जाता है।
क्या काला धागा सिर्फ फैशन है?
आज के समय में काला धागा धार्मिक मान्यता के साथ-साथ एक फैशन एक्सेसरीज के तौर पर भी पहना जाता है। इसे पायल, एंकलेट या दूसरे फुट ज्वेलरी की तरह स्टाइल करना काफी आम है।
काला धागा पहनें तो इन बातों का रखें ध्यान
काले धागे को पहनने से पहले गांठों की संख्या, दिन और पैर को लेकर कई तरह के नियमों का पालन किया जाता है। इसलिए यह फैशन के साथ-साथ इसके पीछे नजरबट्टू, नकारात्मक ऊर्जा और शनि से जुड़ा हैं।
