नई दिल्ली:- 2028 में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है। पार्टी ने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पचमढ़ी में जिला अध्यक्षों के सफल प्रशिक्षण के बाद, अब पार्टी का फोकस मालवा अंचल पर है।
इसी कड़ी में उज्जैन संभाग में ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शारदीय नवरात्र के समापन के बाद आयोजित होने वाले इस अहम कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी विशेष रूप से शामिल हो सकते हैं। यह मध्य प्रदेश में उनका एक महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को ‘ग्राउंड-जीरो’ से मजबूत करना है।
सीधे कार्यकर्ताओं से होगा संवाद
इस दौरे के दौरान राहुल गांधी मंच से भाषण देने के बजाय सीधे ग्राउंड-जीरो पर काम करने वाले पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। वे संगठन में नई जान फूंकने और चुनाव जीतने के तरीके साझा करेंगे। इसके अलावा, संभाग के प्रत्येक ब्लॉक और मंडल के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्रों (बूथों) की मौजूदा स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी।
बूथों पर तैनात होगी ‘सक्रिय टीम’
पार्टी का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बूथ पर समर्पित कार्यकर्ताओं की एक सक्रिय टीम तैनात हो। इसके साथ ही, जिला संगठन, ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों के बीच किसी भी प्रकार की संवादहीनता को खत्म कर उनके बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
निष्क्रिय नेताओं की होगी छुट्टी, युवाओं को मिलेगा मौका
इस बार कांग्रेस पार्टी की आलाकमान कड़े फैसले लेने के मूड में है। जो पदाधिकारी या कार्यकर्ता लंबे समय से निष्क्रिय हैं या सिर्फ पद लेकर बैठे हैं, उन पर गाज गिरना तय है। उनकी जगह ऊर्जावान और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को चिन्हित कर पार्टी द्वारा उनके लिए चलाए जा रहे जन-आंदोलनों और जागरूकता अभियानों का भी राहुल गांधी द्वारा लेखा-जोखा लिया जाएगा।
