नई दिल्ली:– कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया। प्रधानमंत्री ने सैनिकों के अदम्य साहस, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए कहा कि उनका पराक्रम आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख के द्रास में जवानों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान की घुसपैठ और प्रॉक्सी वॉर की रणनीति पर निशाना साधा और कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कारगिल युद्ध के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि बेहद कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय जवानों का अदम्य साहस राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति समर्पण देश की पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
द्रास पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख के द्रास पहुंचे। यहां उन्होंने कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और जवानों के साहस एवं बलिदान को नमन किया।
जवानों के लिए आयोजित ‘शौर्य भोज’ को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध के बाद भी घुसपैठ करने वालों के इरादों में बदलाव नहीं आया है। पाकिस्तान आज भी प्रॉक्सी वॉर और घुसपैठ जैसे हथकंडों का इस्तेमाल करता है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “हमें याद रखना होगा कि आज भी चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। घुसपैठियों के इरादे नहीं बदले हैं और वे आज भी छद्म युद्ध या घुसपैठ जैसे हथकंडे अपनाते हैं।”
उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय सेना ऐसी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
‘हमारी सदी है, आने वाला समय हमारा है’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाला समय भारत का है। उन्होंने कहा, “यह हमारी सदी है, आने वाला समय हमारा है।”
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर लगातार जोर दिया जा रहा है और उन्हें विश्वास है कि भारतीय सशस्त्र बल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सैन्य बलों में शामिल होंगे।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। सेना को अत्याधुनिक हथियार, उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
कारगिल के वीरों को किया याद
रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस को याद करते हुए कहा कि आज देशवासी खुली हवा में सांस ले रहे हैं और गर्व से सिर उठाकर जी रहे हैं, क्योंकि कारगिल की कठिन परिस्थितियों में भी जवानों ने अपनी सतर्कता और कर्तव्य में कोई कमी नहीं आने दी।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक ठंड, दुर्गम पहाड़ियों और ऑक्सीजन की कमी जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारतीय जवानों ने दुश्मन का डटकर मुकाबला किया और देश की रक्षा की।
क्यों मनाया जाता है कारगिल विजय दिवस?
हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1999 में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता की याद दिलाता है।
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने दुर्गम पहाड़ियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को पीछे धकेलते हुए भारतीय क्षेत्रों पर दोबारा नियंत्रण स्थापित किया था। इस युद्ध में अनेक भारतीय जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
कारगिल विजय दिवस उन्हीं वीर सैनिकों के साहस, शौर्य और बलिदान को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर है।
