Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है, इसका पता कैसे चलता है और इलाज क्या है जाने सब कुछ…
    समाचार

    गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है, इसका पता कैसे चलता है और इलाज क्या है जाने सब कुछ…

    By Tv36 HindustanAugust 9, 2026No Comments4 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली:– गॉल ब्लैडर की पथरी (स्टोन) दुनिया भर में पाई जाने वाली पाचन तंत्र से संबंधित एक आम बीमारी है.

    इससे पीड़ित कई लोगों में वर्षों तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन कुछ लोगों में यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है, जैसे तेज दर्द, संक्रमण, जॉन्डिस और में सूजन.

    यदि समय रहते इसकी पहचान और सही उपचार कर लिया जाए, तो इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
    माफ़ी चाहते हैं, हम इस स्टोरी का कुछ हिस्सा लाइटवेट मोबाइल पेज पर नहीं दिखा सकते.
    गॉल ब्लैडर लिवर के नीचे स्थित एक छोटा थैलीनुमा अंग होता है. इसकी लंबाई लगभग 7 से 10 सेंटीमीटर होती है.

    इसका मुख्य काम लिवर द्वारा प्रतिदिन बनाए जाने वाले बाइल (पित्त) को अस्थायी रूप से इकट्ठा करना होता है.

    1. गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है?
      पित्ताशय में मुख्य रूप से तीन तत्व होते हैं:

    कोलेस्ट्रॉल
    बाइल सॉल्ट्स
    बिलीरुबिन
    जब इन तीनों तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो छोटे-छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं. समय के साथ ये क्रिस्टल बड़े होकर पथरी का रूप ले लेते हैं.

    गॉल ब्लैडर में पथरी बनने की वजह-

    पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होना
    गॉल ब्लैडर का पूरी तरह से खाली न हो पाना
    बिलीरुबिन का अत्यधिक उत्पादन होना
    गॉल ब्लैडर में संक्रमण या सूजन होना

    1. गॉल ब्लैडर की पथरी कितने प्रकार की होती है?
    2. 1. कोलेस्ट्रॉल की पथरी

    इस प्रकार की पथरी सबसे आम होती है, जो लगभग 80 प्रतिशत मामलों में बनती है.

    1. पिगमेंट पथरी

    यह बिलीरुबिन का स्तर बढ़ने के कारण बनती है. यह आमतौर पर लिवर की बीमारियों या कुछ खून से संबंधित बीमारियों में विकसित होती है.

    1. मिश्रित पथरी

    यह कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और बिलीरुबिन के मिश्रण से बनती है.

    1. सबसे अधिक ख़तरा किसे होता है?
      डॉक्टर 5F फॉर्मूला को याद रखते हैं-

    फीमेल: महिलाओं में यह समस्या अधिक होती है
    फोर्टी: 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
    फैट : शरीर का अधिक वजन
    फर्टाइल: ऐसी महिला जो गर्भवती हो सकती है
    फेयर: पश्चिमी देशों में रहने वाले गोरी त्वचा वाले लोग

    1. अन्य जोखिम कारक क्या हैं?
      मोटापा
      शुगर
      हाई कोलेस्ट्रॉल
      गर्भावस्था
      एस्ट्रोजन हार्मोन की दवाइयाँ
      परिवार में पहले किसी को गॉल ब्लैडर की पथरी होना
      लंबे समय तक व्रत रखना या भूखे रहना
      तेजी से वजन कम होना
      बहुत अधिक वसा वाला भोजन
      कम फाइबर वाला भोजन
      लिवर की बीमारियाँ
      हीमोलिटिक एनीमिया
      बढ़ती उम्र
      भारत में गॉल ब्लैडर की पथरी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है. लगभग 5 से 15 प्रतिशत लोग अपने जीवन में कम से कम एक बार गॉल ब्लैडर की पथरी से पीड़ित हो सकते हैं.
      यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में 2 से 3 गुना अधिक पाई जाती है और 40 वर्ष की उम्र के बाद इसका ख़तरा बढ़ जाता है.
      यह समस्या युवाओं में भी देखी जाती है, जिसका मुख्य कारण बढ़ता मोटापा, व्यायाम में कमी और फास्ट फूड का अधिक सेवन हैं.
    2. गॉल ब्लैडर की पथरी के लक्षण क्या हैं?
    3. अधिकतर लोगों में अल्ट्रासाउंड के दौरान संयोग से इस बीमारी का पता चलता है.

    लक्षण कब दिखाई देते हैं?

    पेट के दाहिने हिस्से में तेज दर्द

    कंधे या पीठ तक फैलने वाला दर्द

    वसा वाला भोजन खाने के बाद दर्द होना

    घबराहट होना

    उल्टियाँ

    बदहजमी

    पेट फूलना

    गैस बनना

    खतरे के संकेत

    यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण हों, तो निश्चित रूप से अस्पताल जाना चाहिए:

    बुखार

    कंपकंपी होना

    पीलिया

    आँखों का पीला होना

    पेशाब का गहरा रंग

    सफेद या फीके रंग का मल

    पेट में बहुत तेज दर्द

    लगातार उल्टियाँ होना

    1. गॉल ब्लैडर की पथरी की जांच कैसे होती है?
      अल्ट्रासाउंड: यह एक बहुत ही आसान, कम लागत वाला और बहुत सटीक टेस्ट है
      खून की जाँच: सीबीसी, लिवर फंक्शन टेस्ट, सीरम बिलीरुबिन और लिवर एंजाइम्स की जाँच की जाती है
      एमआरसीपी और सीटी स्कैन: बाइल डक्ट्स में पथरी का शक होने पर सीटी स्कैन या एमआरसीपी करवाया जाता है
      ईआरसीपी: इसका उपयोग केवल पथरी का पता लगाने के लिए ही नहीं, बल्कि कुछ मामलों में पथरी निकालने के लिए भी किया जाता है
    Post Views: 435

    chhattisgarh Hindi khabar Hindi news hindinews india Raipur Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous ArticleCGMSCL मे आयुर्वेदिक दवाओं की खरीदी में भारी गड़बड़ी…
    Next Article कृष्ण लला हम आएंगे इधर संतों ने फूंका कारसेवा का शंखनाद, उधर आश्रम से गायब हुआ पूजा का ये पत्थर…
    Tv36 Hindustan

    Related Posts

    VB-G RAM G के पहले ही महीने में बड़ा झटका जुलाई में 49.94% घटा ग्रामीण रोजगार, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े…

    August 10, 2026

    हर घर तिरंगा अभियान जिले में नागरिकों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति की भावना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता चलेगा अभियान…

    August 10, 2026

    मुख्यमंत्री साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व…

    August 10, 2026

    मानसून में मेकअप के बिगड़ने की टेंशन खत्म बारिश और उमस में भी मेकअप को रखें लंबे समय तक फ्रेश…

    August 10, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    Ads
    -Ads-
    -Ads-
    -ADS-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • VB-G RAM G के पहले ही महीने में बड़ा झटका जुलाई में 49.94% घटा ग्रामीण रोजगार, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े…
    • हर घर तिरंगा अभियान जिले में नागरिकों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति की भावना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता चलेगा अभियान…
    • मुख्यमंत्री साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व…
    • मानसून में मेकअप के बिगड़ने की टेंशन खत्म बारिश और उमस में भी मेकअप को रखें लंबे समय तक फ्रेश…
    • डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ी, कल शाम इतने बजे तक का मौका…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?