मध्य प्रदेश:– सरकार द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का ड्राफ्ट बिल विधानसभा में पेश कर दिया गया है, जिसके तहत शादी, तलाक, संपत्ति के बंटवारे और उत्तराधिकार के नियम सभी धर्मों के लिए एक समान होने का प्रस्ताव है। इस नए विधेयक में महिलाओं को समानता और संपत्ति में बराबरी के अधिकार देने की बात कही गई है। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बनाए गए कड़े नियमों की हो रही है।
नए प्रावधानों के अनुसार, लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, इसके लिए पुरुष की न्यूनतम उम्र 21 साल और महिला की उम्र 18 साल तय की गई है। सबसे अहम बात यह है कि यदि कोई व्यक्ति पहले से शादीशुदा है और वह लिव-इन में रहता है, तो उसके लिए 5 साल तक की सजा का सख्त प्रावधान किया गया है। उत्तराखंड और गोवा के बाद अब मध्य प्रदेश में भी इस कानून के लागू होने से पारिवारिक और सामाजिक व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिस पर जनता और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
