नई दिल्ली:– देश में एक तरफ जहां दिल्ली, यूपी और बिहार जैसे राज्य भीषण गर्मी की चपेट में हैं, वहीं मौसम विभाग ने 10 राज्यों के लिए भारी बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने खासकर झारखंड के किसानों को आगाह किया है कि आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ में आज हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ने वाला है। 15 और 16 मई को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए सतर्क रहें, हालांकि शाम के समय हल्के बादल छाए रहने से कुछ राहत मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और राजस्थान में भीषण गर्मी
मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में ‘हीट जोन’ की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने इंदौर, रतलाम, उज्जैन, धार और देवास जैसे जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां लू के साथ-साथ आंधी और ओलावृष्टि की संभावना भी बनी हुई है। उधर, राजस्थान के फलौदी और जैसलमेर में पारा 45 डिग्री को पार कर गया है। जयपुर और बीकानेर संभाग में आज हल्की बारिश की उम्मीद जताई गई है।
यूपी-बिहार में कैसा रहेगा मौसम
बिहार में मौसम पूरी तरह गर्म रह सकता है। राज्य के पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में तेज धूप के साथ तापमान 40 डिग्री के आस पास बना रह सकता है। कुछ जगहों पर शाम के बाद हल्के बादल और धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्म हवाओं के कारण बिजली और पानी की मांग भी बढ़ सकती है। वहीं यूपी के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी के साथ-साथ अन्य जिलों में पारा 40 डिग्री के ऊपर जा सकता है। वेस्ट यूपी में गर्म हवाएं परेशान कर सकती हैं और पूर्वी हिस्सों में भारी उमस रहेगी। संभावना जताई जा रही है कि देश शाम तक यूपी के कई जिलों में छिटपुट बारिश हो जाए।
तमिलनाडु में भारी बारिश और झारखंड में ओलावृष्टि का खतरा
दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी में बने एक निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। नीलगिरि और कोयंबतूर जैसे घाट क्षेत्रों में 15 से 19 मई तक भारी बारिश का अनुमान है। दूसरी ओर, झारखंड सरकार प्राकृतिक आपदाओं और ओलावृष्टि से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है क्योंकि वहां फसलों को बड़े नुकसान की आशंका जताई गई है।
